सुभाष शर्मा, नंगल

आधुनिक भारत के मंदिर एवं राष्ट्र का गौरव माने जाते भाखड़ा बाध का पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ के चीफ जस्टिस रवि शकर झा ने रविवार को भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने भाखड़ा बाध के निर्माण काल समय बने एतिहासिक विश्राम गृह सतलुज सदन में पौधारोपण भी किया। उन्होंने बाध के पास बने म्यूजियम में भाखड़ा नंगल पनबिजली परियोजना की उपलब्धियों तथा कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उनके साथ जिला सत्र न्यायाधीश एवं जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की चेयरपर्सन हरप्रीत कौर जीवन भी मौजूद थीं। चीफ जस्टिस ने बांध की गोबिंद सागर झील में वोटिंग करने के बाद अपने संदेश में कहा कि सही मायनों में भाखड़ा बाध हम सभी के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। मैं यहा आकर गर्व महसूस कर रहा हूं। उन्होंने बाध के रख-रखाव के प्रति भी संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को बधाई दी। वहीं बाध के चीफ इंजीनियर एके अग्रवाल ने चीफ जस्टिस को बताया कि किस तरह से भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड जल प्रबंधन के लिए सफल प्रयास कर रहा है। उन्हें बताया कि दूर हिमखंडों तक फैले बाध के कैचमेंट एरिया से आने वाले पानी को जमा कर विद्युत उत्पादन किया जाता है। मुख्य अभियंता ने बताया कि बाध में जल भंडारण के परिणामस्वरूप ही जहा विभिन्न प्रातों को दशकों से बाढ़ से राहत मिल रही, वहीं जमा किए जाने वाले पानी से वर्ष भर बिजली उत्पादन करके दूर प्रातों तक पेयजल तथा कृषि योग्य पानी उपलब्ध करवाया जाता है। इसीलिए भाखड़ा बांध को राष्ट्र का गौरव व आधुनिक भारत का मंदिर की संज्ञा दी गई है। इस दौरान भाखड़ा बाध के डिप्टी चीफ इंजीनियर एचएल कंबोज, उपमुख्य अभियंता केके सूद, इंजी. मोहन सिंह, इंजी. वीके गर्ग, एडिशनल एसइ मनबिंदर सिंह पाल व एसडीओ गुलशन शर्मा आदि ने भी चीफ जस्टिस का स्वागत कर उनका नंगल पधारने पर स्वागत किया।

Posted By: Jagran

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