कम बरिश से बढ़ी चिंता, पंजाब के बांधों का जलस्तर घटा; गर्मियों में बढ़ सकती है पानी की चिंता
भाखड़ा, पोंग और रणजीत सागर बांधों में पिछले वर्ष की तुलना में पानी की आवक और जलस्तर घटा है। कम भंडारण से गर्मियों में जल संकट की आशंका बढ़ी है।

भाखड़ा बांध।
HighLights
पंजाब के प्रमुख बांधों का जलस्तर पिछले साल से काफी कम।
भाखड़ा, पोंग में पानी की आवक में भारी गिरावट दर्ज।
कम बारिश से गर्मियों में पानी की किल्लत की आशंका।
सुभाष शर्मा, नंगल। मौसम के बदलते मिजाज का असर इस बार सतलुज-ब्यास नदी तंत्र से जुड़े प्रमुख बांधों पर साफ दिखाई दे रहा है। भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड के 28 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार भाखड़ा, पोंग व रणजीत सागर बांधों में पिछले वर्ष की इसी तारीख की तुलना में पानी की आवक में भारी कमी दर्ज की गई है। जलस्तर भी पिछले साल के मुकाबले काफी नीचे है।
लगातार कम हो रही आवक ने आने वाली गर्मियों में पानी की अनिवार्य आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भाखड़ा बांध में शुक्रवार को जलस्तर 1634.76 फीट दर्ज किया गया, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 1671.90 फीट था। यानी इस बार जलस्तर 37.14 फीट कम है।
भाखड़ा में इस दिन पानी की आवक 34,335 क्यूसेक रही, जबकि पिछले साल 53,856 क्यूसेक आवक दर्ज हुई थी। इस तरह आवक में 19,521 क्यूसेक, यानी करीब 36.25 प्रतिशत की कमी आई है। बांध से इस समय 25,738 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि पिछले साल 45,882 क्यूसेक छोड़ा गया था। यानी इस बार छोड़े जा रहे पानी में भी 20,144 क्यूसेक की कमी है।
28 अगस्त को बांधों में जलस्तर:
| बांध का नाम | जलस्तर | पानी की आवक |
| भाखड़ा बांध | 1634.76 फीट | 34,335 क्यूसिक |
| पौंग बांध | 1366.00 फीट | 23,071 क्यूसिक |
| रणजीत सागर बांध | 514.57 मीटर | 9,119 क्यूसिक |
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पोंग बांध की स्थिति भी चिंताजनक
इसी तरह पोंग बांध की स्थिति भी चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। 28 अगस्त को पोंग का जलस्तर 1366 फीट था, जबकि पिछले वर्ष 1393.49 फीट दर्ज किया गया था। इस लिहाज से जलस्तर 27.49 फीट नीचे है। पोंग में इस दिन पानी की आवक मात्र 23,071 क्यूसेक रही, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 1,10,224 क्यूसेक था।
यानी आवक में 87,153 क्यूसेक, लगभग 79.07 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज हुई। पोंग से 14,518 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि पिछले साल 94,845 क्यूसेक छोड़ा गया था। इस बार रिलीज में 80,327 क्यूसेक, यानी करीब 84.69 प्रतिशत की कमी है।
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रणजीत सागर में भी कम जलस्तर
रणजीत सागर बांध में भी पानी की स्थिति पिछले साल की तुलना में कमजोर है। वर्तमान जलस्तर 514.57 मीटर है, जबकि 28 अगस्त 2025 को यह 525.65 मीटर था। बांध में पानी की आवक इस समय केवल 9,119 क्यूसेक है, जबकि पिछले साल 81,962 क्यूसेक थी।
सतलुज व ब्यास के कैचमेंट क्षेत्रों में मौसम के बदलते स्वरूप व बारिश के असमान दौर के बीच बांधों में पानी की आवक में बनी कमी भविष्य के लिए चिंता का संकेत मानी जा रही है। मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में तीनों प्रमुख बांधों में न केवल जलस्तर नीचे है, बल्कि पानी की आवक में भी भारी गिरावट आई है।
स्थिति बढ़ा सकती है चिंता
ऐसे में यदि आगामी महीनों में पर्याप्त बारिश व बर्फबारी से जलग्रहण क्षेत्रों में सुधार नहीं हुआ तो गर्मियों में पेयजल, सिंचाई व अन्य अनिवार्य जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों की नजर अब आने वाले मानसून के शेष कुछ दिनों व बर्फबारी पर टिकी है, क्योंकि इन्हीं से सतलुज-ब्यास नदी तंत्र में आगे पानी की उपलब्धता की तस्वीर काफी हद तक तय होगी।
