जागरण संवाददाता, रूपनगर :

बरसात के सीजन में तीन माह के लिए खनन पर रोक लगने से पहले क्रशर मालिकों में अपने क्रशरों पर कच्चा माल स्टोर करने की होड़ लग गई है। कच्चे माल की मांग बढ़ने से खनन ठेकेदार भी लाभ लेने लग गए हैं और बरसात के सीजन के दौरान हर साल पंजाब सरकार द्वारा नदियों, खड्डों और दरियाओं में से खनिज पदार्थों की निकासी करने पर एक जुलाई से लेकर तीस सितंबर तक रोक लगा दी गई है। इस अरसे दौरान क्रशर मालिक अपने मालिक अपने क्रशरों पर जमा किए हुए कच्चे माल को तैयार करने उपरांत लोगों को रेता और बजरी बेचते हैं। इस बार खनन मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने गैर कानूनी खनन बिलकुल बंदकर दी है। लेकिन रूपनगर जिले में कच्चे माल के लिए कानूनी तौर पर मंजूरशुदा खड्डों क्रशर मालिकों की कच्चे माल जरूरत पूरी करने के लिए क्रशरों की संख्या के हिसाब से काफी कम संख्या में चल रही हैं। जिसके कारण जिले के क्रशर मालिकों को अपने क्रशरों को चलता रखने के लिए मजबूरीवश शहीद भगत सिंह नगर की रैल बरामद खड्ड से कच्चा माल लेने के लिए जाना पड़ रहा है। इस खड्ड के ठेकेदारों ने भी सरकारी नियमों को दूर करते हुए कच्चे माल के रेटों में रोजाना बढ़ोतरी करनी शुरू कर दी है। उधार लेकर कच्चा माल स्टोर कर रहे हैं क्रशर मालिक

रैल बरामद खड्ड से कच्चा माल लेकर आ रहे रूपनगर जिले के कुछ टिप्पर चालकों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शुरू में रैल बरामद खड्ड से साढ़े पांच रुपये प्रति फुट के हिसाब से कच्चा माल मिलता था, जोकि कुछ दिन पहले बढ़ाकर सात रुपये, फिर 7.50 रुपये, फिर आठ रुपये कर दिया गया। उन्होंने बताया कि आज ठेकेदार द्वारा कहा गया कि अगर कल को माल लेना है तो अपने मालिकों से 9.50 रुपये प्रति फुट के हिसाब से पैसे लेकर आओ। यह भी पता लगा है कि कुछ क्रशर मालिक अपने क्रशरों पर कच्चे माल का प्रबंध करने के लिए अपनी बची खुची जमीनों का बयाना लिखाकर मोटी ब्याज दरों पर साहूकारों से पैसे उधार ले रहे हैं। हर रोज बढ़ा दाम तो 15 रुपये तक पहुंच जाएगा

नदियों और दरियाओं में से खनन पर पाबंदी करने में सिर्फ पांच दिनों का समय बचा है और अगर ठेकेदार कच्चे माल के रेट इसी तरह बढ़ाते रहे तो कच्चे माल की कीमत ही 14-15 रुपये प्रति फुट हो सकती है, जबकि पहले इतनी कीमत को क्रशर पर तैयार हुआ माल लोगों को मिल जाता था। हमारे पास शिकायत नहीं आई : जेई रविदर सिंह

जल स्त्रोत विभाग शहीदी भगत सिंह के जेई रविदर सिंह ने कहा कि किसी भी टिप्पर चालक ने उनको ठेकेदार द्वारा सरकारी रेटों से अधिक वसूली किए जाने की शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलती है ठेकेदार के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।

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