अरूण कुमार पुरी, रूपनगर : जिला प्रशासन को कोरोना वायरस की आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 65 लाख रुपये मिले हैं। प्रशासन द्वारा सबसे पहले कोरोना वायरस के खतरे से निपटने में लगे जिलेभर के स्टाफ को सैनिटाइजर व मास्क उपलब्ध करवा रहा है। आइसोलेशन सेंटरों सहित क्वारंटाइन सेंटरों में बेड, ड्राई राशन व अन्य कमियों को पूरा किया जा रहा है। डीसी सोनाली गिरी ने बताया कि जिले में गरीबों व जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी बनाई गई है जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जितने भी गुरुद्वारा साहिब हैं उन्हें लंगर बनाने की अपील करते हुए कहा गया है कि भोजन तैयार करने के बाद लाउड स्पीकर द्वारा जरूरतमंद लोगों को एक-एक करके बुलाया जाए व उन्हें खाने के पैकेट देते हुए उसी वक्त घर भेज दिया जाए। कुष्ठ आश्रमों में खाने का दायित्व एनजीओ ने संभाला

शहरी क्षेत्रों के लिए बनाई गई व्यवस्था के बारे में डीसी सोनाली ने बताया कि सांझी रसोई में खाना तैयार करवाते हुए रोज ऐसे लोगों तक खाने के पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। आज ऐसे चार सौ पैकेट सप्लाई किए गए हैं। जिले के कुष्ठ आश्रमों में खाना उपलब्ध करवाने का दायित्व एनजीओ ने अपने स्तर पर संभाल लिया है लेकिन प्रशासन एनजीओ की व्यवस्था पर भी नजर रखे हुए है। मोरिंडा व चमकौर साहिब गुरुद्वारा कमेटी लगी सेवा

मोरिंडा व चमकौर साहिब में रहने वाले गरीबों व जरूरतमंदों को खाना उपलब्ध करवाने का दायित्व चमकौर साहिब की गुरुद्वारा कमेटी ने संभाला है लेकिन उन्हें अपील की गई है कि खाना ट्रालियों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाए ताकि लोग एक जगह इकट्ठा न हो सकें। पुलिस कर्मियों को मैस से भेजा जा रहा भोजन

24 घंटों से जिले भर की सड़कों व हाईवे पर ड्यूटी दे रहे पुलिस के जवानों के भोजन बारे बताया कि ज्यादातर को भोजन पुलिस मैस से उपलब्ध करवाया जा रहा है जबकि कुछ जगह लंगर भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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