संवाद सहयोगी, रूपनगर : कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार सहित राज्य सरकार लोगों से एहतियात बरतने का कह रहे हैं। जिला प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी से जिला वासियों ने खुद को कोरोना वायरस से लड़ने व जीत हासिल करने के लिए तैयार कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें व अस्पतालों के स्टाफ ने लोगों को कोरोनामुक्त रखने वाले अभियान में पूरी ताकत झोंक दी है। दूसरी तरफ नगर कौंसिल रूपनगर सहित नगर कौंसिल नंगल व नगर कौंसिल आनंदपुर साहिब भी इस अभियान के साथ पूरी तरह जुड़ चुकी है।

एसएमओ डॉ. पवन कुमार के अनुसार जिले अंदर तीन सिविल अस्पताल हैं जबकि पांच पीएससी व सीएचसी भी हैं। स्टाफ की अगर बात करें तो जिले अंदर सारे सिविल अस्पतालों सहित पीएचसी व सीएचसी को मिलाकर लगभग 95 डॉक्टर, 350 पैरा मेडिकल स्टाफ जबकि इतनी ही संख्या में नर्सें व एएनएम उपलब्ध हैं जिन्हें 24 घंटे ड्यूटी के अलावा इमरजेंसी पर तैयार रखा गया है। इसके अलावा कोरोना वायरस से निपटने व संदिग्धों को अस्पताल लाने के लिए हर ब्लाक में एक एक रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात की गई हैं। इनमें हर टीम के साथ चार डॉक्टर, दस पैरा मेडिकल स्टाफ, नर्स व लैबोरेटरी कर्मचारी उपलब्ध करवाए हैं। इसी प्रकार जिले अंदर 15 सरकारी एंबुलेंस के अलावा हर ब्लॉक में 108 एंबुलेंस अलग से उपलब्ध है। यहीं नहीं, जिले के लगभग 30 प्राइवेट अस्पतालों व नर्सिंग होम्स में भी एंबुलेंसों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्टेंड बाई पर रखा गया है।

30 बेड का आइसोलेशन वार्ड, नहीं वेंटिलेटर

एसएमओ डॉ. पवन कुमार के अनुसार रूपनगर में 30 बैड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है जिसमें वेंटिलेटर को छोड़ हर प्रकार की मेडिकल सुविधा उपलब्ध है। उनके अनुसार वेंटिलेटर एक-दो दिन में उपलब्ध हो जाएगा। वैसे जिले अंदर तीन प्राइवेट अस्पतालों में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। जिले में कोई पॉजिटिव केस नहीं : डॉ. पवन

डॉ. पवन ने कहा कि अभी तक जिले अंदर कोई भी केस पॉजिटिव नहीं पाया गया है जबकि जो चार केस संदिग्ध मिले हैं उनमें से तीन को अस्पताल में रखा गया है जबकि एक केस को घर में नजर में रखा गया है। उनके अनुसार जिले अंदर कोरोना से निपटने के तमाम प्रबंध अंजाम दिए जा चुके हैं जबकि सिविल सर्जन डॉ. एचएन शर्मा खुद सारे सिस्टम पर नजर रखे हुए हैं। मास्क का स्टाक कम पर उपलब्ध

जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सुदर्शन चौधरी के अनुसार वैसे तो जिलेभर में मास्क व सैनिटाइजर का स्टाक बहुत कम है लेकिन उपलब्ध है और कहीं भी ब्लैक नहीं हो रही। उनके अनुसार जिन जनरल स्टोरों व किराना की दुकानों पर नियमों को ताक पर रख घटिया मास्क व सैनिटाइजर बिक रहे हैं उन पर कार्रवाई करने का काम जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का बनता है। जिले में वर्तमान में थ्री प्लाई मास्क दस रुपये में उपलब्ध है जबकि थ्री एम, वीनस व फ्लेयर क्वालिटी के मास्क क्वालिटी के अनुसार 50 से 100 रुपये में उपलब्ध हैं।

क्वालिटी के अनुसार बिक रहे सैनिटाइजर

जिले में 100 एमएल के सैनिटाइजर क्वालिटी के अनुसार 80 से 100 रुपये में जबकि 500 एमएल के सेनेटाइजर क्वालिटी के अनुसार 400 से 450 रूपये में उपलब्ध हैं। प्रयोग के बाद मास्क व सैनिटाइजर बायोवेस्ट डस्टबिन में ही डालें

जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि मास्क या सैनिटाइजर का प्रयोग करने के बाद उसे सड़कों पर मत गिराएं बल्कि नजदीकी केमिस्ट की दुकान पर उपलब्ध बायोवेस्ट डस्टबिन में ही फैंकें। जिससे उनका सही निस्तारण संभव बनाया जा सके।

Posted By: Jagran

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