संस, रूपनगर : अवैध माइनिग को रोकने के बड़े बड़े दावे तो होते हैं। लेकिन जिले मे आज भी अवैध रूप से सफेद पत्थर व रेत की ओवरलोड ढुलाई सरेआम देखी जा सकती है। जबकि ऐसे चालक लापरवाही से हाईवे पर टिप्पर दौड़ाते हुए मौत के सौदागर बने हुए हैं। हालांकि लोग समय समय पर अवैध रूप से चलने वाले इन टिप्परों के खिलाफ प्रदर्शन भी करते रहते हैं।

पहले रेत व पत्थर के ओवरलोड टिप्पर केवल हाईवे पर ही दौड़ा करते थे। जब प्रशासन ने थोड़ी सख्ती की तो टिप्पर वाले पुलिस प्रशासन की पकड़ से बचने के लिए संपर्क सड़कों एवं ग्रामीण सड़कों पर दौड़ने लगे हैं। सड़कों की चौड़ाई कम होने व वजन सहन करने की क्षमता न होने के बावजूद जिले की लगभग हर संपर्क सड़क पर टिप्परों का चलन देखा जा सकता है। वर्तमान में जिले में टिप्परों का दंश सबसे ज्यादा रूपनगर-नूरपुरबेदी-कलवां रोड के आसपास बसे गांवों के लोग भुगत रहे हैं। इनके अलावा गांव ख्वासपुरा, लेदीमाजरा, मल्कपुर, काईनौर, मोरिडा रोड, सालापुर, एलग्रां, नानगरां, लोहंड तथा सरसा नंगल के लोगों को भी हर दिन इन टिप्परों के कारण दहशत में रहना पड़ रहा है।

जल्द समस्या का नहीं समाधान तो जाम लगाएंगे

जसविदर सिंह, लखविदर सिंह, जसबीर सिंह, अनिल कुमार, तरसेम लाल, हरमीत सिंह, शकुंतला देवी, कौशल्या देवी ने कहा कि गांवों की सड़कों से गुजरने वाले टिप्परों के कारण बच्चों का घरों से निकल पाना जहां कठिन हो गया है। वहीं पूरा दिन उड़ने वाली धूल वातावरण को दूषित बना रही है। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण एवं संपर्क सड़कों पर टिप्परों की आवाजाही पर स्थाई रूप से रोक लगाई जानी चाहिए। किसान यूनियन के नेता रूपिदर सिंह रूपा तथा इलाका सुधार कमेटी के निर्मल सिंह लोदीमाजरा के अनुसार अगर इस मामले में सख्ती नहीं बरती तो आने वाले दिन में ग्रामीणों को साथ लेकर सड़कों पर जाम लगाएंगे।

सख्त एक्शन लेंगे : डीसी

इस बारे में डीसी सोनाली गिरी ने कहा कि ओवरलोड ढुलाई करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। लेकिन इसी बीच पता लगा है कि डीसी साहिबा विशेष ट्रेनिग पर जा रही हैं, जबकि उनके स्थान पर नवांशहर डीसी का एडिशनल चार्ज दिया जा रहा है। ऐसे में अवैध ढुलाई पर रोक लगाना कैसे संभव होगा। इस पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वभाविक है।

नफरी कम के बावजूद शिकंजा कसा है

वहीं ट्रैफिक इंचार्ज बलबीर सिंह ने कहा कि नफरी कम होने के बावजूद ओवरलोड व अवैध मैटीरियल की ढुलाई करने वाले टिप्परों पर शिकंजा कसा है। एक साल के दौरान चार सौ से अधिक चालान किए जा चुके हैं जबकि 80 टिप्पर जब्त किए हैं। संपर्क सड़कों पर कहा कि पंचायतों को चाहिए कि वे टिप्परों की आवाजाही रोकने का प्रस्ताव डालते हुए डीसी के समक्ष पेश करें।

Posted By: Jagran

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