जागरण संवाददाता, पटियाला

परमात्मा ने सृष्टी और मानवीय जीवन केवल प्यार करने के लिए दिया है, इस लिए सबमें परमात्मा का रूप देखते हुए जीवन व्यतीत करें। यही मानवीय जीवन का मुख्य उदेश्य है। आज वर्चुअल रूप में आयोजित संत निरंकारी मिशन के तीन दिनों के वार्षिक निरंकारी संत समागम के उद्घाटन मौके पर मानवता के नाम पर अपने संदेश में माता सुदीक्षा ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि समागम स्थान पर आगमन होते ही संत निरंकारी मंडल के सदस्यों और केंद्रीय योजना सलाहकार बोर्ड के सदस्यों ने सत्गुरु माता का हार्दिक स्वागत किया।

संत निरंकारी मंडल ब्रांच पटियाला की संयोजक बहन गोबिन्द कौर ने कहा कि निरंकारी संत समागम हरियाणा के समालखा और घनौर के बीच जीटी रोड पर स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर हुआ है जिसका सीधा प्रसारण यहां की संगत ने सुना व देखा है। इसके अलावा प्रोग्राम का आनंद देश और विश्व भर में रहने वाले लाखों श्रद्धालुओं ने लिया है।

समागम के पहले दिन सत्संग में माता सुदीक्षा ने कहा कि कोरोना ने मनुष्य को रो•ामर्रा की •िादगी में निस्वार्थ भाव के साथ एक दूसरे पर विश्वास करना सिखाया है। सबके अंदर एक परमात्मा को देखते हुए एक दूसरे का सत्कार करें, नर सेवा नारायण सेवा का भाव रखें, यही परम धर्म है। हमें जागरूक रहना है और ध्यान रखना है कि इस धरती से जब जाएं, तो इसको पहले की अपेक्षा भी बेहतर बनाकर जाएं। परमात्मा ने हमें जो कुदरती स्त्रोत दिए हैं उनका भी हम सदुपयोग करें। आज सेवादल रैली का भी आयोजन किया गया कि जिसमें देश के अलग अलग इलाकों से प्रतिनिधित्व करते हुए सेवादल के सदस्यों ने भाग लिया।

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