जागरण संवाददाता, पटियाला : पंजाबी यूनिवर्सिटी मौजूदा समय में धरनों का केंद्र बनी हुई है। वीसी दफ्तर के आगे विद्यार्थी धरने पर बैठे हुए हैं तो वीसी दफ्तर के सामने पार्क में ज्वाइंट एक्शन कमेटी धरना लगाती आ रही है। बावजूद इसके यूनिवर्सिटी प्रशासन को कोई फिक्र नहीं है। कुछ दिनों से कार्यकारी वीसी रवनीत कौर भी यूनिवर्सिटी में नहीं आई। कारण यही है कि यूनिवर्सिटी में तीन जत्थेबंदियों की ओर से मांगें पूरी करवाने को लेकर धरना दिया जा रहा है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा पंजाबी यूनिवर्सिटी को विद्यार्थियों के लिए पूर्ण तौर पर खोल तो दिया है पर विद्यार्थियों के लिए हास्टल की सुविधा नहीं रखी गई। इस कारण विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी के बाहर महंगे दाम पर पीजी रहना पड़ रहा है। मामले को लेकर विभिन्न स्टूडेंट्स जत्थेबंदियां यहां वीसी दफ्तर के आगे धरने लगाए बैठी हैं। विद्यार्थियों की मांग है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन विद्यार्थियों के लिए हास्टल को पूर्ण तौर पर खोले और फीसों पर लगाए जीएसटी के फैसले को रद करे। जत्थेबंदियों का कहना है कि जब तक यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों की मांगे पूरी नहीं करती, तक जत्थेबंदियों का धरना इसी तरह वीसी दफ्तर के आगे जारी रहेगा। मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा : कमेटी

ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्य डा. निशान सिंह दयोल व गुरिदरपाल सिंह बब्बी ने कहा कि यूनिवर्सिटी की ओर से अपने ही स्टाफ को समय पर वेतन व पेंशनर्स को पेंशन जारी नहीं की। इसके चलते मुलाजिमों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। उधर, सरकार भी यूनिवर्सिटी के लिए कोई विशेष ग्रांट जारी करने को तैयार नहीं। जिसके चलते यूनिवर्सिटी का वित्तीय संकट बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि कमेटी का वीसी दफ्तर के आगे मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। वहीं, कमेटी नान टीचिग कर्मचारियों के साथ खड़ी है। यूनिवर्सिटी को चाहिए कि जिन तीन मुलाजिमों को नौकरी से निकाला गया है, उन्हें तुरंत नौकरी पर बुलाया जाए।

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