जेएनएन, पटियाला। सुखराम कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय शमशेर सिंह की जन्मदिन पर पुरानी रंजिश में गोली मारकर हत्या कर दी गई। शमशेर अपने भतीजे के साथ जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए बाजार से सामान लेने गया था। पुलिस ने मुख्य आरोपित, कांग्रेसी सरपंच व उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

वंश ने बताया कि वीरवार को चाचा शमशेर सिंह का जन्मदिन था। इसी खुशी में वह रात करीब साढ़े नौ बजे सामान लेने भारत नगर गए। रास्ते में गांव बारन के कंवर रणदीप सिंह उर्फ एसके खरौड़, विकास नगर के कांग्रेस सरपंच तारा दत्त और उसके साथियों ने चाचा को घेर लिया। खरौड़ ने पहले एक हवाई फायर किया। दूसरा फायर चाचा शमशेर पर कर दिया। गोली चलने से वह गिर गए। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। लोगों ने चाचा को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सतीश ने बताया कि भाई शमशेर सिंह पहले कैटरिंग का काम करता था। कुछ लोगों से रंजिश के कारण चार साल पहले उसने काम छोड़ दिया था। खरौड़ व अन्य के साथ पुरानी रंजिश थी। खरौड़ व सरपंच पहले भी दो बार शमशेर से मारपीट कर चुके थे। इनके खिलाफ दो मामले अदालत में चल रहे हैं। जान का खतरा होने के कारण शमशेर पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग भी कर चुका था। वीरवार रात रंजिश में आरोपितों ने भाई की हत्या कर दी। डीएसपी पटियाला टू सौरव जिंदल ने बताया कि शमशेर के भाई सतीश की शिकायत पर खरौड़ व सरपंच तारा दत्त सहित तेरह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पीड़ित परिवार ने थाने के आगे किया प्रदर्शन

शमशेर के परिवार ने कातिलों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना अनाज मंडी के आगे शुक्रवार को रोष प्रदर्शन किया। परिवार ने कहा कि आरोपितों को राजनीतिक शह है, इसलिए गिरफ्तार करने में ढील बरती जा रही है। डीएसपी इंवेस्टीगेशन कृष्ण कुमार पैंथे ने पीड़ित परिवार को कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

आपराधिक मामलों में जेल भी जा चुका है खरौड़

खरौड़ पर लूट, डकैती व इरादा कत्ल जैसे मामले दर्ज रहे हैं। 2016 में पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया तो उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। उसके खिलाफ पंजाबी यूनिवर्सिटी में गोलियां चलाने का भी केस दर्ज था। कई आपराधिक मामलों में वह जेल भी जा चुका है।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में शामिल हुआ, छवि खराब होने पर निकाला

आपराधिक मामलों में बरी होने के बाद खरौड़ राजनीति में आने के लिए हाथ पैर मारता रहा। विधानसभा चुनाव में उसने एक रैली की, जिसमें सांसद परनीत कौर ने उसे कांग्रेस में शामिल करवाया था। बाद में उसका आपराधिक रिकॉर्ड देखते हुए पार्टी से बाहर कर दिया गया था। सरपंच तारा दत्त यूथ कांग्रेस ग्रामीण का प्रधान भी रहा है और एक कैबिनेट मंत्री का खास है। नगर निगम चुनाव में उसने टिकट के लिए दावेदारी ठोकी थी। टिकट न मिलने के बाद विकास नगर का सरपंच बनाया गया।

 

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