जागरण संवाददाता, पटियाला

खालसा कॉलेज की बैकसाइड स्थित रेडक्रॉस सोसाइटी के साकेत नशा मुक्ति केंद्र से सोमवार तड़के करीब 3 बजे 9 मरीज खिड़की में लगा एसी उतारकर भाग गए। स्टाफ को घटना की जानकारी उस समय मिली जब मरीजों को योग कक्षा में ले जाने के लिए कमरे में गए। मरीजों के भागने संबंधी पुलिस के पास कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। नशा मुक्ति केंद्र की तरफ से अपने स्तर पर ही मरीजों को ढूंढने के लिए उनके परिजनों के साथ संपर्क किया जा रहा है। काउंसलर परविदर कौर ने तीन मरीजों के घर पहुंचने की पुष्टि की है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

साकेत नशा मुक्ति केंद्र में करीब 31 मरीज भर्ती हैं। नौ मरीज सोमवार तड़के करीब 3 बजे पहली मंजिल स्थित कमरे की खिड़की से एसी उतारकर खिड़की के बाहर लगी जाली तोड़कर बाहर निकल गए। सभी मरीज नशा मुक्ति केंद्र के बाहर लगी फैंसिग फांदकर फरार हो गए। सुबह करीब 5 बजे जब स्टाफ सदस्य मरीजों को योग कक्षा में ले जाने के लिए पहुंचे तो 9 मरीज गायब थे। उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई। इनमें से ज्यादातर मरीज पटियाला जिला से संबंधित हैं।

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केंद्र के स्टाफ के व्यवहार पर उठ रहे सवाल

इस घटना के बाद नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ के व्यवहार पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार स्टाफ द्वारा मरीजों से सख्ती से पेश आया जाता है जिस कारण मरीज वहां से भाग गए। उधर, केंद्र की इंचार्ज परमिदर कौर सचदेवा ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि केंद्र में मानव अधिकारों का पूरा ख्याल रखा जाता है। अगर कोई मरीज इलाज नहीं करवाना चाहता और जाना चाहता है तो कभी भी बताकर जा सकता है।

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स्टाफ की कमी के चलते भाग रहे मरीज

साकेत नशा मुक्ति केंद्र से दो साल पहले भी करीब 7 मरीज भाग गए थे। जिसके बाद केंद्र के आसपास फैंसिग और अन्य पुख्ता प्रबंध भी किए गए थे। मरीजों के भागने की यह दूसरी घटना है। कर्मचारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी कारण यह घटना घटी है।

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तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी

घटना संबंधी जानकारी मिलते ही ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को रेडक्रॉस अथॉरिटी की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जिनमें मेल नर्स, वार्डन और सिक्योरिटी गार्ड शामिल हैं।

Posted By: Jagran