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संस, राजपुरा. पटियाला

चितकारा यूनिवर्सिटी में बीती 18 से 21 अप्रैल तक चार दिनों तक चले नेशनल लेबल के आर्ट फेस्टिवल में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान पेंटिंग वर्कशॉप, आर्ट इन कंटेपरेरी सोसायटी विषय पर नेशनल सेमिनार, छात्रों के साथ विचार विमर्श व जाने माने कलाकारों ने जीवंत प्रदर्शन का आयोजन किया। इस दौरान आर्ट व‌र्क्स की एक शानदार प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस आयोजन की सबसे खास बात देश के जाने माने 16 कलाकारों की मौजूदगी रही, जिनमें पद्म विभूषण से सम्मानित जतिन दास, अमित दत्त, नई दिल्ली, बसंत कुमार भार्गव भोपाल, चंद्रशेखर काले उज्जैन, हिम चटर्जी शिमला, कमलेश के गांधी जम्मू, किशोर राय दिल्ली, मनीष रंजन जेना भुवनेश्वर, मीनाकेतन पटनायक भुवनेश्वर, प्रिय रंजन बेहरा, बंगलूरू रंजन कुमार मलिक, चितकारा यूनिवर्सिटी रेणू सांगवान नई दिल्ली रुपक कुमार गंदेज हैदराबाद, संजय विश्वाल नई दिल्ली, सुदर्शन पाल सिंह चितकारा यूनिवर्सिटी व विनीत भारद्वाज हरियाणा आदि खास थे।

पद्म विभूषण अवार्डी जतिन दास ने अपनी लाइव पेंटिग वर्कशाप के जरिये लोगों को ऐसा मौका दिया जो दुर्लभ था। नई दिल्ली की आर्टिस्ट रेणु सांगवान ने अपने कला को ज्यादातर माइथोलॉजी कैरेक्टर पर फोकस किया। सांगवान ने ऐसी महिला के बारे में बताया जो कि जमीन से जुड़ी हुई थी। दिल्ली से आए आर्टिस्ट किशोर राय ने राधा व कृष्ण का खूबसूरती से चित्रण किया। इस मौके पर चितकारा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. मधु चितकारा ने कहा कि इस चितराम आर्ट फेस्टिवल का उद्देश्य नई प्रतिभाओं की कला को उभारना था ताकि वे कला के नए आयामों को एक ही छत के नीचे सीख सकें।

Posted By: Jagran

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