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पटियाला के गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में श्रद्धा से मनाया गया बंदी छोड़ दिवस, सरोवर किनारे संगत ने जलाए दीप

Published: Sun, 08 Nov 2026 03:30 PM (IST)

पटियाला के गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में दीपावली के साथ बंदी छोड़ दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। संगत ने दीप ...और पढ़ें

पटियाला के गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया बंदी छोड़ दिवस।

पटियाला के गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया बंदी छोड़ दिवस।

जागरण संवाददाता, पटियाला। जहां पूरे देश में दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है, वहीं सिख समुदाय की ओर से बंदी छोड़ दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पटियाला के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में बड़ी संख्या में संगत ने गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक होकर सर्वत्र सुख-शांति और सरबत के भले की अरदास की।

इस मौके पर संगत की ओर से गुरुद्वारा साहिब के पवित्र सरोवर के आसपास दीप और मोमबत्तियां जलाकर बंदी छोड़ दिवस मनाया गया। गुरुद्वारा साहिब का पूरा परिसर दीपों की रोशनी से जगमगाता नजर आया।

इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब के हेड ग्रंथी भाई प्रनाम सिंह ने दीपावली और बंदी छोड़ दिवस की बधाई देते हुए कहा कि धन-धन साहिब श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी, जो मीरी-पीरी के मालिक और बंदी छोड़ दाता के नाम से जाने जाते हैं, ने ग्वालियर के किले में कैद 52 राजाओं को रिहा करवाया था।

उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की रिहाई के बाद श्री हरमंदिर साहिब, श्री अमृतसर साहिब पहुंचने पर संगत की ओर से देसी घी के दीप जलाकर दीपमाला की गई थी। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में सिख समुदाय की ओर से बंदी छोड़ दिवस मनाया जाता है।

भाई प्रनाम सिंह ने संगत को संदेश देते हुए कहा कि हमें ऐसे दीप जलाने चाहिए, जिनसे हमारे भीतर प्यार, प्रेम और भाईचारे की ज्योत जले तथा ईर्ष्या, द्वेष और नफरत जैसी भावनाओं का अंत हो।

उन्होंने आगे कहा कि आज समाज नशे, विकारों, ईर्ष्या और कई अन्य सामाजिक बुराइयों के बंधनों में जकड़ा हुआ है। जिस तरह गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने 52 राजाओं को कैद से मुक्त करवाया था, उसी तरह हमें भी इन बुराइयों के बंधनों से बाहर निकलकर सच्चाई के मार्ग पर चलना चाहिए।

अंत में उन्होंने संपूर्ण मानवता की भलाई, सुख-शांति और आपसी प्रेम की अरदास करते हुए संगत को दीपावली और बंदी छोड़ दिवस की लाख-लाख बधाई दी।

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