जेएनएन, बनूड़ (पटियाला) :

फुटवियर डिजाइन एंड डवलपमेंट इंस्टीच्यूट (एफडीडीआई) बनूड़ की स्टूडेंट ने कोरोना वायरस से सुरक्षा को लेकर हल्दीयुक्त मास्क बनाया है। यह आर्गेनिक मास्क मार्केट में बिकने वाले मास्क के मुकाबले काफी सेफ साबित हो सकता है। एफडीडीआई बनूड़ के इंचार्ज रितेश गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन और प्रदेश में क‌र्फ्यू के चलते इंस्टीच्यूट में स्टूडेंट्स को छुट्टियां है। सभी स्टूडेंट्स घर पर ही हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स कई प्रॉडक्ट्स पर काम कर रहे है जिनसे लोगों को लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि एफडीडीआई में फैशन डिजाईन विभाग के चौथे सेमेस्टर की स्टूडेंट रुख्सार ने एक सकारात्मक पहल की है। आर्गेनिक बेस्ड मास्क बनाया है, जो कारोना वायरस से सुरक्षा को लेकर सेफ साबित हो सकता है।

00 मार्केट में मास्क की कमी को देखते मिला आइडिया-

रुख्सार फैयाज ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर मार्केट में मास्क की कमी आ गई है। लोगों को आगे भी मास्क की जरूरत रहेगी। ऐसे में आर्गेनिक मास्क बनाने का आइडिया मिला। कोरोना का बाहरी ढांचा ग्लाईकोप्रोटीन नामक प्रोटीन से बना हुआ है और हल्दी इसके संक्रमण से बचाने में मददगार साबित हो सकती है।

00 हल्दी है एंटी-आक्सीडेंट एजेंट

रुख्सान ने कहा कि हल्दी एक अच्छा एंटी-आक्सीडेंट एजेंट है, और आसानी से घरों में मिल जाता है। जब हल्दी उगाई जाती है तो उसे चितोसान से ट्रीट किया जाता जो प्रोटीन को नष्ट करने में काफी सक्षम पाया गया है। इस लिए कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए मास्क के बाहरी हिस्से को हल्दी से डाई किया है, जोकि कोरोना वायरस की बाहरी सतह को नष्ट कर सकता है और वायरस के संक्रमण को बहुत हद तक खत्म कर सकता है। मास्क को और सुरक्षित बनाने के लिए भीतरी हिस्से को सूती कपड़े की लेयर लगाई गई है।

विभाग की प्रमुख गौरी भाटिया ने कहा कि स्टूडेंट्स घर पर रहते सराहनीय काम कर रहे है। आर्गेनिक मास्क से गरीबों की मदद इस दौर में आसानी से की जा सकती है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!