जागरण संवाददाता, पटियाला : डीसी संदीप हंस ने इलेक्ट्रानिक मीडिया पर नजर रखने के लिए स्थापित किए इलेक्ट्रानिक मीडिया मोनिटरिग सेल का अचानक दौरा किया। इस दौरान उनके साथ एडीसी गुरप्रीत सिंह थिद व खर्चा अफसर ईशा सिघल मौजूद रहे। डीसी ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को चुनाव संबंधी इलेक्ट्रोनिक मीडिया व इंटरनेट मीडिया के लिए मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मोनिटरिग कमेटी से इजाजत लेनी जरूरी है। इसके अलावा चुनाव वाले दिन 20 फरवरी व चुनाव से एक दिन पहले, प्रिट मीडिया में भी लगवाए जाने वाले विज्ञापन के लिए कमेटी से इजाजत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में पेड न्यूज, फेक न्यूज व हेट न्यूज पर नजर रखने के लिए डीसी की जिला चुनाव अफसर की अगुआई में जिला स्तरीय कमेटी में एडीसी विकास, मेंबर सचिव डीपीआरो, आल इंडिया रेडियो के प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव शहनाज जौली कौड़ा, भाषा विभाग के खोज अफसर डा. सुखदर्शन सिंह चाहल व जिला सूचना व विज्ञान अफसर बतौर सदस्य शामिल है। उन्होंने बताया कि इस कमेटी के तहत 30 से ज्यादा सदस्य का सहायक स्टाफ है। जिसके द्वारा लगातार इलेक्ट्रानिक मीडिया, सोशल मीडिया व प्रिट मीडिया पर नजर रखी जा रही है। डीसी ने बताया कि उम्मीदवारों द्वारा अपने इंटरनेट मीडिया खाते व वीडियो सामग्री अपलोड करने के लिए क्रीएटिवज व एड आदि सहित इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर एडवरटाइजमेंट सामग्री की प्री सर्टिफिकेशन करवानी जरूरी है। जिसके लिए जिला प्रबंधकीय परिसर पटियाला के ए ब्लाक की तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 412 में पहुंच की जा सकती है। यहां एमसीएमसी इसकी स्क्रिप्ट देखेगी और एडवरटाइजमेंट बनाने सहित इसको लगवाने व इंटरनेट मीडिया पर चलवाने पर आने वाले खर्च की जानकारी लेकर इजाजत देगी। डीसी ने बताया कि उम्मीदवारों द्वारा अटेस्टेड लिखित स्क्रिप्ट के साथ साथ तैयार किए विज्ञापन की दो कापियां, अगर आडियो-वीडियो भी शामिल है, वह भी पूरी तरह से तैयार करके दी जाए। इसकी इजाजत 24 घंटे में दी जाएगी। अगर किसी ने बिना इजाजत विज्ञापन लगवाया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने बताया कि चुनाव के दौरान अगर कोई उम्मीदवार पेड खबर लगवाता है तो उसके चुनाव खर्च में इसे जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार या फिर पार्टी के अलावा कोई और व्यक्ति किसी भी पार्टी या उम्मीदवार के हक में विज्ञापन जारी नहीं कर सकता। पेड न्यूज के केस में उम्मीदवार को भेजा जाएगा नोटिस

पेड न्यूज के केस में संबंधित रिटर्निंग अफसर के जरिए संबंधित उम्मीदवार को नोटिस भेजा जाएगा। अगर उम्मीदवार उसका जवाब 48 घंटे में नहीं देगा तो उस खबर को पेड न्यू मान लिया जाएगा। उम्मीदवार एमसीएमसी के फैसले को राज्य स्तरीय एमसीएमसी कमेटी के पास चुनौती दे सकता है। जिनके पास फैसले के लिए 96 घंटे का समय होगा। उम्मीदवार स्टेट एमसीएमसी के फैसले के खिलाफ भारत चुनाव आयोग के पास 48 घंटे में अपील करने का हकदार है। चुनाव कमिश्न के निर्देशों अनुसार पेड न्यूज के केस उम्मीवार के खाते में उसका नामांकन भरने वाले दिन से डाले जाएंगे।

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