जागरण संवाददाता, पटियाला : मैनूं कौण लब्बदा ए, तुसीं मसला हल कर देणा सी बंदे दा..। ये जवाब एटीओ शाम लाल ने उस समय दिया जब ड्राइविग ट्रैक पर काम करवाने के लिए परेशान हो रहे समाना निवासी अमरीक सिंह की परेशानी को लेकर दैनिक जागरण ने एटीओ शाम लाल से उनके ट्रैक पर मौजूद न होने संबंधी सवाल किया। एटीओ शाम लाल के इस जवाब से स्पष्ट है कि वह लोगों की परेशानी को किस कदर लेते हैं। बता दें कि शुक्रवार सुबह नौ से लेकर दोपहर करीब 12 बजे तक एटीओ शाम लाल ड्राइविग ट्रैक पर नहीं पहुंचे। ट्रैक पर काम न होने से परेशान व्यक्ति एटीओ को तलाशते दिखे। हालांकि जानकार बताते हैं कि दोहपर में एटीओ शाम लाल ट्रैक पर पहुंच गए थे, पर ज्यादातर लोग सुबह ही आते हैं। ड्राइविग ट्रैक पर काम करवाने के लिए एटीओ की तलाश कर रहे समाना निवासी अमरीक सिंह ने कहा कि यहां ट्रैक पर अफसरों की मौजूदगी न होने पर लोग परेशान हो रहे हैं। अफसरों को लोगों की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। ऐसे अफसरों पर सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। टेस्ट लेने के बहाने एजेंटों का कर रहे काम

ड्राइविग टेस्ट देने ट्रैक पर पहुंचे प्रभजोत सिंह ने आरोप लगाया कि उसने दो बार टेस्ट दिया, पर उसे जान बूझकर फेल कर दिया गया। प्रभजोत ने कहा कि हर व्यक्ति से दो या फिर तीन बार गाड़ी चलवाई जाती है। पब्लिक के नाम पर एजेंटों के टेस्ट पास किए जा रहे हैं। एटीओ शाम लाल को मौके पर फोन भी किया, पर उन्होंने एक न सुनी। ऐसे अफसरों को रखना ही नहीं चाहिए जो पब्लिक की न सुनें। एजेंट ट्रैक के नजदीक रहकर लोगों को लूटते हैं

ट्रैक पर एजेंटों की शमूलियत इतनी ज्यादा बढ़ गई कि ड्राइविग टेस्ट ट्रैक के नजदीक ही एजेंट कुर्सियां लगाकर बैठकर लोगों की लूट करते हैं। ऐसे में क्लर्क या फिर अफसर, इनके खिलाफ कार्रवाई तक नहीं करते। कार्रवाई न करने पर ट्रैक कर्मचारियों की एजेंटों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। एटीओ का जवाब-चलो, कोई नी देखदे आं

ड्राइविग ट्रैक पर एटीओ की मौजूदगी नहीं होने पर परेशान हो रहे लोगों की समस्या को देखते हुए जब एटीओ शाम लाल से बात की तो उन्होंने कहा कि आप लोगों की समस्या हल कर देते। जब उनसे सवाल किया गया कि वह खुद ट्रैक पर क्यों नहीं हैं, तो उन्होंने कहा कि चलो कोई नीं, देखदे आं। इतना कहते हुए उन्होंने फोन काट दिया और कोई बात नहीं की।

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