संस, राजपुरा (पटियाला) : आर्यंस कॉलेज ऑफ फार्मेसी और आर्यंस इंस्टीच्यूट ऑफ नर्सिग राजपुरा ने संयुक्त रूप से कोरोना के साथ जीवन रोकथाम के तरीके विषय पर वेबिनार का आयोजन किया। इसमें डॉ. आशीष बल्दी प्रोफेसर फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी विभाग एमआरएस-पीटीयू बठिडा इस वेबिनार के मुख्य वक्ता थे। बीफार्मा, डी फार्मा, जीएनएम, एएनएम आदि के सैंकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया।

डॉ. आशीष बल्दी ने महामारी कोविड-19 के वैज्ञानिक पहलुओं और उसके प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने विभिन्न उपायों के साथ इस महामारी के साथ जीने का सुझाव दिया। बल्दी ने आगे आयुर्वेद, पारंपरिक तरीकों का उपयोग करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस तापमान, आनुवंशिक परिवर्तन और अन्य स्थितियों के अनुसार संशोधित और अनुकूल हो जाता है, जिसके कारण वैज्ञानिक वैक्सीन विकसित करने के लिए अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।

डॉ. अंशु कटारिया चेयरमैन आर्यन्स ग्रुप ने डॉ. बल्दी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस वायरस से बचने का एकमात्र तरीका रोकथाम है। कटारिया ने बाल्दी द्वारा छात्रों को बताए गए निवारक उपायों की सराहना की। इस मौके पर कृष्णा सिगला, प्रिसिपल आर्यंस फार्मेसी कॉलेज, डॉ. श्रुति वालिया प्रिसिपल आर्यंस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, कालिदी मदान एचओडी फार्मेसी विभाग व फैकल्टी सदस्य इस ऑनलाइन वर्कशॉप में उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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