जागरण संवाददाता, राजपुरा (पटियाला) : आइपीएल व अन्य खेलों में सट्टे लगवाने के आरोपित रौकी से रिमांड के पहले दिन शाम को 31 अवैध कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा .32 बोर के दो लाइसेंसी रिवाल्वर व पचास लाइसेंसी कारतूस भी मिले हैं। जांच में पाया कि असलहा लाइसेंस 2019 में बनाया गया है, जो रौकी के नाम पर है। वहीं दूसरी तरफ रौकी के खिलाफ 2018 में शंभू थाना में गैंबलिग एक्ट का केस दर्ज हुआ था। केस दर्ज होने के बावजूद रौकी ने असलहा लाइसेंस किस तरीके से बनवाया गया, इसकी भी जांच शुरू कर दी है।

एसएसपी विक्रमजीत दुग्गल ने कहा कि आरोपित ने अपने सट्टे का कारोबार बढ़ाने के लिए दो असलहा खरीदे थे और 50 लाइसेंसी कारतूस होने के बावजूद 31 कारतूस अवैध तरीके से अपने पास रखे हुए थे।

दो दिन के रिमांड पर लिया था रौकी को

सिटी राजपुरा थाना इलाके से गिरफ्तार रौकी निवासी नजदीक दुर्गा मंदिर राजपुरा को अदालत में पेश करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान ही यह रिकवरी की है। उधर, पेटीएम व अन्य आनलाइन पेंमेंट्स वाली मोबाइल एप में डेढ़ करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन की जांच का जिम्मा साइबर क्राइम टीम को सौंपा गया है। एक ही दिन में तीन से लेकर दस लाख रुपये की ट्रांजेक्शन आनलाइन की गई है, जिस वजह से आनलाइन खातों में जमा रकम को फ्रीज करवा रही है। आरोपित से बरामद 2.64 लाख की की नकदी के बारे में पूछा तो उसने स्पष्ट जवाब नहीं दिया है कि यह पैसे कहां से और किसने दिए हैं। आरोपित रौकी के लैपटाप व दो मोबाइल फोन से सट्टाबाजार से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी हासिल किए हैं। रौकी मोबाइल एप के जरिए आनलाइन सट्टेबाजी करवा रहा था। यह गिरोह क्रिकेट, फुटबाल, वालीबाल, बास्केटबाल, लान टेनिस, टेबल टेनिस, हाकी, जैसे किसी भी खेल पर आनलाइन सट्टा लगवाते थे। सट्टेबाजी की रकम वसूल करने के लिए यह लोग अपने मोबाइल फोन नंबरों के माध्यम से पेटीएम वालेट / नेट बैंकिग का इस्तेमाल करते थे।

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