संवाद सहयोगी, माधोपुर

गांव जैनी के सिपाही सुरिन्द्र पाल सिंह ने 11 वर्ष पहले मेघालय में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहादत का जाम पिया था। शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविन्द्र विक्की ने बताया कि वीर योद्धा की शहादत को नमन करने के लिए 27 मई को गांव के सरकारी एलीमेंटरी स्कूल में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जाएगा। सुरिन्द्र पाल का जन्म 6 जुलाई 1966 को पिता चूनी लाल व माता लाज कौर के घर हुआ। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल माधोपुर से मैट्रिक करने के उपरांत 1992 को वह सेना की 529 सप्लाई यूनिट में भर्ती होकर देश सेवा में जुट गया। 26 मई 2008 को जब इनकी यूनिट मेघायल में तैनात थी तो उनकी मुठभेड़ आतंकियों से हो गई। सिपाही सुरिन्द्र पाल सिंह ने अपनी वीरता का परिचय देते हुए बहादुरी से आतंकियों का मुकाबला कर अपने साथी सैनिकों के प्राणों को बचा लिया। इसी बीच दुश्मन द्वारा दागी एक गोली इनके सीने को भेदते हुए निकल गई। जिससे इस रणबांकुरे ने शहादत का जाम पी लिया। इनकी इस बहादुरी के लिए देश के तत्कालीन राष्ट्रपति ने इन्हें मरणोपरान्त शौर्य चक्र से सम्मानित किया।

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Posted By: Jagran

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