संवाद सहयोगी, बमियाल : जिले के भोआ विधानसभा क्षेत्र में नरोट जैमल सिंह के बस स्टैंड की दशा बीते पांच वर्षों में भी नहीं सुधर पाई। बल्कि इस समय अवधि के दौरान बस स्टैंड की दशा और भी खराब हो चुकी है। स्थानीय निवासी कृष्ण कुमार, राजकुमार, लवप्रीत, रविदर, अजय कुमार ने बताया कि चुनावों के समय नेताओं की ओर से जो विकास के वादे किए जाते हैं, चुनाव जीतने के बाद उन पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। ऐसा ही वादा नेताओं की ओर से बीते चुनावों में भी किया गया था। इसमें कहा गया था कि नरोट जैमल सिंह बस स्टैंड की हालत में सुधार किया जाएगा। लेकिन यहां सुधार तो दूर हर तरफ बदतर हालात है।

बिजली पानी की व्यवस्था यहां आज तक नहीं की जाती है। शौचालयों को ताला लटका हुआ है। बस स्टैंड परिसर ने गंदगी का आलम है। बस स्टैंड की हालत को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां विकास के नाम पर क्या विकास हो पाया है। लोग लगातार बस स्टैंड की हालत को सुधारने की मांग करते आए हैं। लेकिन सरकार की उपेक्षा का शिकार यह बस स्टैंड ब्लाक समिति के लिए कमाई का बड़ा जरिया है।

लाखों की होती है कमाई

इस बस स्टैंड को ठेके पर देकर ब्लाक समिति की ओर से अब तक लाखों रुपये की कमाई की जा चुकी है। एक पैसा भी इसकी दशा को सुधारने में खर्च नहीं किया गया। आलम यह है कि यहां सवारिया बस स्टैंड के भीतर जाने की बजाए बीच सड़क पर खड़े होकर बस का इंतजार करती हैं। मौसम चाहे बारिश का हो ठंड का या फिर भीषण गर्मी का हो, बस स्टैंड के भीतर सुविधा नहीं होने के कारण लोग सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी और नेता बदलते रहते हैं लेकिन जर्जर हो चुके बस स्टैंड की हालत नहीं बदली।

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