संवाद सहयोगी, घरोटा: फोकल प्वाइंट नौरंगपुर दाना मंडी 20 वर्षो से पक्की शेड के इंतजार में है। अनेक राजनीतिज्ञ व अधिकारी समय-समय पर यहां शेड निर्माण का आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन किसी ने भी अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया। इसके चलते किसान नीले आसमान के तले फसल का मंडीकरण करने को विवश हैं। वहीं फसल की आमद के समय फड़ छोटा पड़ता जा रहा है। पूर्व विधायक सत्य पाल सैनी ने क्षेत्र की ज्वलंत मंडीकरण समस्या देखते हुए फोकल प्वाइंट स्वीकृत करवाया था। इससे घरोटा क्षेत्र के अजीजपुर, नाजोचक्क, नौशिहरा नलबंदा, मिरजापुर, अकालगढ़, पंजूपुर, दरसोपुर, कोठे कौंतरपुर, पवार, घरोटा, भीमपुर, बगियाल, नाला, गडमल, खन्नी खुई, मीलवां, वडाला, चौहान, जंडी इत्यादि दर्जनों गांवों के किसानों को स्थानीय स्तर पर मंडीकरण का लाभ मिला था। वहीं अब किसानों को पक्की शेड की कमी महसूस होने लगी है। कई बार मौसम के खराब होने के चलते फसल भीगने का अंदेशा बना रहता है। इसके अलावा मंडी में बना मार्ग भी जर्जर हो चुका है। किसान, विपन सिंह पठानिया, महिद्र सिंह पठानिया, बलदेव सिंह कोठे, तरसेम सिंह सिबली, मनोहर लाल ऐंमा, जगदीश सिंह मिरजापुर, धरमिद्र सिंह झलोआ, किशन सिंह छावला, कुलदीप काटल ने मंडी बोर्ड चेयरमैन, जिला प्रशासन व हलका विधायक से मांग करते हुए पक्की शेड का निर्माण करवाने की गुहार लगाई है। मौसम में बदलाव होने पर पेश आती है समस्या: विपन सिंह

पूर्व सरपंच विपन सिंह ने कहा कि अनाज मंडी में शेड के निर्माण की ओर मार्केट कमेटी और प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। जबकि यह मंडी जिले की सर्वश्रेष्ठ मंडी है। मौसम की खराबी के दौरान पेश आती समस्या के चलते मंडी का निर्माण कर राहत दी जाए। बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दे रही मार्केट कमेटी: सलारिया

राजेश सलारिया ने कहा कि हर वर्ष इस मंडी से मार्केट कमेटी रेवेन्यू तो ले रही है, लेकिन मंडी में बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध करवाने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। चाहे मंडी में टूटी सड़क के निर्माण की बात हो या फिर पक्के फड़ को बढ़ाने या शेड निर्माण की बात हो। 20 वर्षो से किसी ने मंडी के लिए कुछ नहीं किया: सतिंद्र

सतिद्र कुमार ने कहा कि पूर्व विधायक सत्य पाल सैनी के उपरांत किसी ने भी इस मंडी की ओर ध्यान नहीं दिया। समय समय पर नेता और अधिकारी इसके अपग्रेड और नवीनीकरण के आश्वासन तो देते रहे हैं, लेकिन किसी ने भी 20 वर्षो में इसके लिए कुछ नहीं किया।

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