पठानकोट, जेएनएन। कोविड-19 के कारण सात माह बाद से बंद पड़ी ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर से गड़बड़ा गई है। इसका सबसे बड़ा कारण बाहरी राज्यों और क्षेत्रों से आने वाले आटो हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में सिर्फ 478 आटो रजिस्टर्ड है, जबकि सड़कों पर पांच हजार से अधिक दौड़ रहे हैं। अवैध तरीके से चलने वाले इन आटो की शिकायतें एसएसपी कार्यालय में पहुंची है। इसके बाद पुलिस ने अब बाहरी राज्यों व क्षेत्रों से आकर चलने वाले इन आटो चालकों के खिलाफ दोबारा से प्लानिंग तैयार की है। दावा किया जा रहा है कि सिर्फ स्थानीय परमिट के ही आटो सड़कों पर दिखेंगे। बाहरी क्षेत्र के आटो के चालान काट कर जब्त किया जाएगा।

सात साल से बन रही योजनाएं

शहर की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक की है। जिला पुलिस व प्रशासनिक स्तर पर पिछले सात साल से इस पर कई योजनाएं तैयार की गई, परंतु जाम की समस्या से निपटारा के लिए अभी तक कोई ठोस नीति नहीं बन सकी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने क्लाक बाइज व एंटी क्लाक बाइज ट्रैफिक शुरू करवाई। स्लिप वे व डिवाइडर बनवाएं पर नतीजा शून्य रहा। आलम ये है कि शहर की संकीर्ण सड़कों पर अब पैदल चलना भी मुश्किल हो चुका है। यही कारण है कि पीर बाबा चौक, माडल टाऊन, गाड़ी अहाता चौक, डलहौजी रोड, सलारिया चौक, ढांगू रोड, काली माता मंदिर चौक ऐसे स्थान है जहां शायद ही कोई दिन रहा होगा जब जाम न लगा हो

आटो पर रखी जाएगी निगाह: एसएसपी

एसएसपी गुलनीत खुराना ने कहा कि एक साल पहले इस पर काम शुरू किया गया था। तीन-चार माह बाहरी आटो चालकों के चालान भी काटे गए थे पर कोविड-19 के कारण बाद में मुहिम को रोक दिया गया था। दशहरे के बाद अब एक बार फिर जिले में चलने वाले आटो के कागजात चेक करने के लिए करीब 25 नाके लगाए जाएंगे। इन सभी जगहों पर आटो की आरसी व अन्य कागजों को जांचा जाएगा। बाहरी आटो के चालान काटने के साथ-साथ उन्हें जब्त किया जाएगा।

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