संवाद सहयोगी, डमटाल : प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में जारी की गई नोटिफिकेशन का राजस्व जिला नूरपुर क्रशर संघ ने जोरदार विरोध किया है। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि क्रशर उद्योग संघ के प्रति यही रवैया जारी रहा तो पांच मार्च से क्रशरों को पूरी तरह बंद कर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जिला प्रधान रणवीर निक्का ने कहा नई नोटिफिकेशन के तहत यदि अपनी माइनिग लीज पर भी जेसीबी मशीन लगी पाई गई तो क्रशर यूनिट पर एफआआइर दर्ज होगी। निक्का के अनुसार जिला नूरपुर के तहत करीब 42 स्टोन क्रशर हैं और प्रत्येक क्रशर पर 10 से 50 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा प्रतिमाह करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार को प्रदान किया जा रहा है। इसके बावजूद क्रशर मालिकों से अपराधियों जैसा व्यवहार कतई सहन नहीं होगा। निक्का ने कहा प्रदेश सरकार की ओर से 25 फरवरी को इस संबंध में जारी की गई अधिसूचना को वे सिरे से खारिज करते हैं। उन्होंने कहा इसके तहत कार्य करना नामुमकिन है और सभी क्रशर संचालक अपने क्रशर बंद कर सरकार के खिलाफ लामबंद होंगे। उन्होंने कहा हिमाचल के क्रशर उद्यमियों से पंजाब में सरेआम धक्का किया जा रहा है, जो भी गाड़ी हिमाचल से क्रशर मैटेरियल लेकर पंजाब में जा रही है, उनसे गुंडा टैक्स के तौर पर जबरन उगाही की जा रही है। इस कारण क्रशर उद्योग बुरी तरह से तबाह होता जा रहा है। इस मौके पर राजस्व जिला नूरपुर, इंदौरा, जवाली, फतेहपुर के क्रशर उद्यमी भी मौजूद रहे। सभी एक स्वर में सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है।

Posted By: Jagran

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