जेएनएन, पठानकोट। पठानकोट के थरियाल गांव में भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना की बुआ के परिवार पर दो सप्ताह पूर्व हुए हमले में उनके फूफा अशोक कुमार की मौत हो गई थी। गत दे रात्रि हमले में घायल रैना के फुफेरे भाई कौशल कुमार (32) ने भी दम तोड़ दिया। वहीं, रैना की बुआ आशा देवी की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

आशा और कौशल पिछले 12 दिनों से पठानकोट के निजी अस्पताल में दाखिल थे। कौशल हालत नाजुक होने पर वेंटिलेंटर पर थे। यहां पर 32 साल के कौशल कुमार की मौत हो गई। हमले में परिवार के दो अन्य सदस्य अशोक कुमार की माता सत्या देवी और बड़े बेटे अपिन भी घायल हुए थे, जिनकी तबियत में सुधार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था।

वहीं, मामले में अभी भी आरोपित पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है, पर कोई भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घटना के बाद पुलिस ने काला कच्छा गिरोह पर हमले का शक जताया था। हिमाचल से सटे क्षेत्रों में अलर्ट भी जारी किया और एसआइटी का गठन किया गया, परंतु घटना को इतने दिन होने के बाद भी पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं।

पुलिस इंतजार कर रही है कि परिवार के सदस्यों के बयान मिलें, ताकि मामले से जुड़े कुछ सुराग मिल सकें। पुलिस ने अब तक इन दोनों के बयान दर्ज नहीं किए हैं। इस घटना ने पूरे रैना परिवार को विचलित कर दिया है।वहीं, सुरेश रैना के भाई दिनेश रैना ने फोन पर बातचीत में बताया कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। दिनेश ने कहा कि इस घटना से पूरा परिवार स्तब्ध है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि आरोपितों को तुरंत पकड़ कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। दिनेश ने कहा कि पठानकोट के गांव थरियाल से उनके रिश्तेदारों का भी उनको मदद के लिए फोन आया है।

 

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