पठानकोट (वेब डेस्क)। कुपवाड़ा जिले के नौगांव क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए सेना की 20 डोगरा यूनिट के हवलदार मदन लाल शर्मा का शव जैसे ही उनके पैतृक गांव घरोटा पहुंचा पूरा वातावरण भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि दी। पार्थिव शरीर को कुछ देर उनके घर पर रखा गया और इसके बाद उसे अंत्येष्टि के लिए ले जाया गया। शहीद की पूरे सैन्य सम्मान से अंत्येष्टि की गई।

शहीद मदनलाल से दोनों बच्चे।

अंत्येष्टि के समय मदन लाल की पत्नी भावना शर्मा, मां धर्मो देवी, पांच वर्षीय बेटी श्वेता शर्मा की आंखों से आसूं थम नहीं रहे थे। वहीं, ढाई वर्षीय पुत्र कनव शर्मा पिता की शहादत से अनजान था। वह बार-बार पूछ रहा था मां पापा बोल क्यों नहीं रहे। मां उसे समझाते-समझाते कई बार बेहोश हो जाती।

विलाप करतीं शहीद की पत्नी व अन्य परिजन।

मदन लाल 1999 में सेना में भर्ती हुए थे। गांव घरोटा निवासी हवलदार मदन लाल शर्मा की शहादत की खबर सुनते ही क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त हो गई। शहीद की पत्नी भावना शर्मा के पास गत दिवस 11बजे यूनिट से फोन आया। सेना अधिकारी ने घर में किसी बड़े से बात करवाने के लिए कहा।

शहीद को अंतिम सलामी देते सैन्य अधिकारी।

वह तत्काल अपने पड़ोसी रिटायर्ड सूबेदार देवदत्त को बुला लाई। उन्होंने यूनिट में फोन किया तो सूबेदार मेजर ने बताया कि मदन लाल आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए हैं। मदन लाल तीन भाइयों व दो बहनों में सबसे छोटे थे। उनके पिता का देहांत लगभग 10 साल पहले हो गया था। सबसे बड़ा भाई वेद प्रकाश बीएसएनएल अमृतसर में कार्यरत हैं, जबकि छोटा भाई राम लाल पंजाब पुलिस में बटाला में तैनात हैं।

शहीद के अंतिम संस्कार के मौके पर उनके पार्थिव शरीर पर रखे तिरंगे को उनकी मां व पत्नी को भेंट करते सैन्य अधिकारी।

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!