संवाद सहयोगी, पठानकोट : 700 करोड़ रुपये की टर्नओवर वाले द हिदू कोऑपरेटिव बैंक के 15 हजार शेयर होल्डर व 90 हजार खाताधारकों की धनराशि को बचाने के लिए लगभग सात माह से लगातार प्रयास चल रहे हैं। इन प्रयासों के तहत बैंक प्रबंधन द्वारा जहां एक ओर 55 साल से अधिक आयु वर्ग के मुलाजिमों को वीआरएस देने की योजना पर काम किया जा रहा है, वहीं दूसरी सात अक्टूबर को बैंक में गैरहाजिर 15 मुलाजिमों में से 13 को जांच के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें से मात्र दो मुलाजिम को ही राहत दी गई है। ये दोनों मुलाजिम पहले से ही लंबी छुट्टी पर चल रहे थे।

इस बात की पुष्टि दैनिक जागरण से बात करते हुए ज्वाइंट रजिस्ट्रार सुरेंद्र सिंह बल ने की। उन्होंने कहा कि गत दिवस जांच में इन मुलाजिमों को अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर पाया गया था। इसके बाद इनकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान समस्त 13 मुलाजिमों को ड्यूटी में कोताही पाई गई, जबकि दो मुलाजिम पहले से ही छ्ट्टी पर होने के कारण उन्हें राहत दी गई है। बल ने कहा कि भविष्य में भी जो मुलाजिम गैरहाजिर पाया गया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मालूम हो कि दशहरा पर्व से एक दिन पहले सहकारिता मंत्री पंजाब सुखजिद्र सिंह रंधावा, विधायक अमित विज, ज्वाइंट रजिस्ट्रार सुरेंद्र सिंह बल तथा डीआर पठानकोट नवनीत कौर ने बैंक में औचक छापेमारी की गई थी, जिसमें इन मुलाजिमों को गैरहाजिर पाया गया था। बाद में जेआर ने इन मुलाजिमों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश जारी किए थे। 20 तक तैयार हो जाएंगी वीआरएस देने वालों की सूची

हिदू कोऑपरेटिव बैंक द्वारा लगातार खर्च का बोझ कम करने के लिए प्रयास जारी हैं। आरबीआइ द्वारा 80 करोड़ रुपये के एनपीए में से 36 करोड़ रुपये एकत्र करने पर जहां बैंक प्रबंधन पर संतुष्टि जाहिर की है, वहीं अब उनकी ओर से अगला लक्ष्य कर्मचारियों को कम कर बैंक पर खर्च कम करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी के तहत बैंक प्रबंधन ने अब 55 साल से अधिक आयु वाले मुलाजिमों की लिस्टें तैयार की जा रही हैं। इन कर्मचारियों को वीआरएस देने की तैयारी की जा रही है। सीइओ अमन मेहता को कहा गया है कि ये लिस्टें आगामी सप्ताह तक तैयार कर दें, ताकि आगामी प्रक्रिया शुरू की जा सके। 23 मुलाजिमों को डेपुटेशन पर भेजा, 26 की फाइलें चंडीगढ़ में : जेआर सुरेंद्र सिंह बल

बैंक के ज्वाइंट रजिस्ट्रार सुरेंद्र सिंह बल ने कहा कि आरबीआइ द्वारा बैंक प्रबंधन द्वारा की गई रिकवरी पर संतोष जाहिर किया है और साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि खर्चे को कम किया जाए। इसके लिए बैंक प्रबंधन पहले ही 23 मुलाजिमों को विभिन्न बैंकों में डेपुटेशन पर भेज चुका है, जबकि 26 मुलाजिमों की फाइलें चंडीगढ़ स्थित पंजाब स्टेट कोआपरेटिव सोसायटी के पास आगामी प्रक्रिया के लिए पहुंच चुकी है। बैंक प्रबंधन का पूरा ध्यान अब ओवर स्टाफ को कम कर बैंक को सुचारू ढंग से चलाना है।

Posted By: Jagran

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