संवाद सूत्र, बलाचौर : पंजाब में पिछले कुछ महीनों में नशे के कारण हुई मौतों ने जहां सरकारों को कटघरे में खड़ा कर दिया तो वहीं, दूसरी ओर इस नशे के कारण माता पिता अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचने पर मजबूर हो गए तथा डर के माहौल में रहने लग पड़े हैं। पंजाब सरकार द्वारा नशे के दलदल में फंसे युवाओं को बाहर निकालने के लिए जो नशा छुड़ाओ केंद्र शुरू किए गए अब वह नशा छोड़ने वाले युवाओं तथा उनके परिजनों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। गुरुवार को जब बलाचौर के सरकारी अस्पताल में दैनिक जागरण द्वारा नशा छुड़ाओ केंद्र का दौरा किया गया तो देखा गया वहां पर काफी युवा जो नशे के दलदल में फंसे हुए थे और डॉक्टर से दवाई लेने के लिए वहां पर देखे गए। जब उनसे बात की गई तो कुछ नहीं बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से चिट्टे नशे का सेवन कर रहा है, तो कुछ नहीं बताया कि वह टीके लगाता था। पंजाब सरकार द्वारा जब से योजना शुरू की गई है तब से वह तथा उनके कई साथी नशा छुड़ाने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। यह उन्हें फिर से पहली वाली ¨जदगी जीने के लिए प्रेरित कर रही है। इस संबंध में जब नशा छुड़ाओ केंद्र में डा. संदीप से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हर रोज करीब उनके पास 10 नए पेशेंट आ रहे हैं जो इस दलदल से बाहर निकलना चाहते हैं। नशे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए सबको मिलकर उनका साथ देना चाहिए। वह उस रोगी की पूरी जानकारी लेते हैं फिर उन्हें दवाई देते हैं। इनका प्रॉपर तरीके से डाटा चढ़ता है। अब तक बलाचौर में करीब 85 ऐसे लोग उनके पास दवाई ले रहे हैं जो इस नशे के दलदल में फंसे हुए हैं।करीब 5 से 6 रोगी तो इतनी जल्दी रिकवर हो गए कि उनकी दवाई कम की गई है। अगर नशे जैसी बीमारी में फंसे लोगों को बचाना है तो सबको मिलकर उनका हौसला बढ़ाना होगा। उन्हें नशा छुड़ाओ केंद्र में लेकर आना होगा तभी पंजाब बच सकता है। किसी से भी यह पूछा नहीं जाता कि वह नशा कहां से लेकर आता है या उसे कौन देता है। उन्होंने सभी से अपील की है कि नशे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में सब मदद करें।

By Jagran