जागरण संवाददाता, नवांशहर

भारत सरकार ने राष्ट्रीय टीबी खात्मा प्रोग्राम के अंतर्गत देश से टीबी की बीमारी को साल 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। भारत सरकार के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले के दावों की समीक्षा करने के लिए विश्व सेहत संस्था (डब्ल्यूएचओ) की एक टीम ने सिविल सर्जन डा. गुरदीप सिंह कपूर के साथ मुलाकात की।

इस टीम में जोनल हेड पंजाब डा. सारित शर्मा और डब्ल्यूएचओ की कंसलटेंट डा. पूजा, डा. स्वात व डा. अनुज और जिला टीबी अधिकारी डा. सिमल भी मौजूद थे। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले ने साल 2015 के मुकाबले साल 2020 में 15 प्रतिशत टीबी केस कम करने का दावा पेश किया था, जिसकी तस्दीक करने के लिए डब्ल्यूएचओ के नामजद सदस्य आए हैं।

इस बारे में पूरे जिले के पांच गांवों में सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे के अलावा डब्ल्यूएचओ की टीम कई अन्य मापदंडों की भी बारीकी के साथ जांच पड़ताल करेगी। जिसमें सेहत विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठकें, प्राइवेट प्रैक्टिशनरों, ड्रग इंस्पेक्टरों और केमिस्टों के साथ विचार-विमर्श शामिल हैं। यदि जिले में टीबी के 15 प्रतिशत केस कम पाए जाते हैं, तो इस बारे में जिले को विश्व टीबी दिवस के मौके राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जा सकता है। जिले में टीबी के मामलों की स्थिति की समीक्षा करने के लिए सर्वे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसके लिए पांच टीमें तैनात कर दीं गई हैं।

इस बारे में राष्ट्रीय टीबी खात्मा प्रोग्राम के तहत काम करती टीम विकास अग्रवाल, मोनिका, अरुण, रवि, गुरप्रीत सिंह और नवीन सहित संबंधित गांवों की आशा वर्करों को प्रशिक्षण दिया गया है। हर टीम में दो-दो सदस्य शामिल होंगे। यह टीमें अलग-अलग सेहत ब्लाकों के पांच अलग-अलग गांवों में सर्वे करेंगी। यह सर्वे आठ फरवरी से शुरू होगा। इन टीमों को 30 मरीज ढूंढने का लक्ष्य दिया गया है। जब एक बार टीबी के 30 मरी•ा मिल गए, तो यह सर्वे बंद कर दिया जाएगा।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप