जागरण संवाददाता, नवांशहर

तेज हवा व हलकी बारिश के कारण मंगलवार रात नवांश्हार में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। बता दें कि इस बार करीब 72 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बीजी गई है। इसमें से दो हजार हेक्टेयर फसल को मंगलवार को नुकसान पहुंचा है।

इस बारे में गांव कुलाम के रहने वाले किसान कुलबीर सिंह, दलवीर सिंह व सोहन सिंह ने बताया कि इससे गेहूं की फसल का झाड़ कम होगा। एक खेत में गेहूं की पांच बोरियां व एक खेत में निकलने वाली दो ट्राली तूड़ी कम होकर डेढ़ ट्राली ही रह जाएगी। वहीं एक खेत की कटाई के लिए मजदूर 1500 रुपये लेता है, पर बिछी हुई फसल की कटाई के लिए उन्हें तीन हजार देने पड़ेंगे। उनका लगभग 25 फीसद नुकसान हुआ है।

उन्होंने बताया कि अब खरीद एजेंसी वाले भी ऐसी फसल को खरीदने में आनाकानी करेंगे। उन्होंने कहा कि एक और कृषि कानूनों के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है। ऊपर से डीजल के दाम में बढ़ोतरी परेशानी कर रही है। अगर केंद्र सरकार उनकी नहीं सुन रही है, तो डीजल के बारे में कांग्रेस सरकार को कम से कम किसानों के हित में सोचना चाहिए।

उधर, किसानों का कहना है कि वैसे तो सरकार की तरफ से गेहूं की खरीद 10 अप्रैल से शुरू करने की घोषणा की गई है। मगर, बारिश होने के कारण अब वैसाखी से पहले फसल काटने की संभावना कम है।

उधर, मुख्य कृषि अधिकारी डा.राज कुमार ने बताया कि जिले में करीब 3 से लेकर चार फीसद फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर हवा सहित बारिश की रफ्तार ज्यादा होती, तो फसलों को काफी नुकसान पहुंचता।

Edited By: Jagran