संवाद सूत्र, बलाचौर : सेहत विभाग तथा राष्ट्रीय वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत जीरो मलेरिया अभियान की तरफ कदम बढ़ाते हुए एंटी मलेरिया महीना जून 2021 मनाया जा रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल विक्रम सिंह सब डिविजनल अस्पताल बलाचौर के सीनियर मेडिकल अफसर डा. कुलविदर मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने दिसंबर 2021 तक राज्य को मलेरिया मुक्त करने का जो लक्ष्य रखा है, उसकी तरफ यह पहला कदम है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सेहत विभाग द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें ब्लाक बलाचौर वासियों के सहयोग की सख्त जरूरत है। मलेरिया से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि मच्छरों की पैदावार को रोका जाए। मलेरिया एक वायरल बुखार है। इसके लक्षण तेज सिर दर्द तथा कंपकंपी से बुखार चढ़ना, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द रहना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, उल्टी, आंख, नाक, मुंह तथा मसूड़ों में खून बहना आदि है।

डा. मान ने बताया कि सेहत विभाग द्वारा जीरो मलेरिया अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि मलेरिया से बचाव करने के लिए आसपास साफ-सफाई का ख्याल रखें। घर के आसपास पानी खड़ा न होने दें। बुखार होने और लक्षण आने पर नजदीक के सेहत केंद्र व अस्पताल में मुफ्त जांच के लिए संपर्क करना चाहिए।

ब्लाक एक्सटेंशन एजुकेशन निर्मल सिंह ने बताया कि बरसात का मौसम के कारण मलेरिया होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए सेहत विभाग द्वारा बताई गई, जानकारियों का पालन जरूर करना चाहिए। गलियों, नालियों में काले तेल का छिड़काव करना चाहिए। ऐसे कपड़े डालने चाहिए, जिससे अगर मच्छर काटता है तो उसका असर न हो सके। रात को मच्छरदानी तथा मच्छर से बचाव के लिए क्रीम लगाकर सोना चाहिए। लोगों के सहयोग से ही मलेरिया पर जीत हासिल की जा सकती है।

Edited By: Jagran