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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोशल मीडिया के बाद चुनाव प्रचार का बदला ट्रेंड,कंटेंट राइटरों की बढ़ी मांग

By JagranEdited By:
Published: Sat, 22 Jan 2022 11:31 PM (IST)

सोशल मीडिया के आने के बाद चुनाव प्रचार का तरीका काफी बदल गया है।

सोशल मीडिया के बाद चुनाव प्रचार का बदला ट्रेंड,कंटेंट राइटरों की बढ़ी मांग
सोशल मीडिया के बाद चुनाव प्रचार का बदला ट्रेंड,कंटेंट राइटरों की बढ़ी मांग

जागरण संवाददाता,नवांशहर : सोशल मीडिया के आने के बाद चुनाव प्रचार का तरीका काफी बदल गया है। वर्ष 2017 में भी सोशल मीडिया का प्रयोग उम्मीदवारों की ओर चुनाव प्रचार में किया गया था पर इस बार कोरोना के कारण जिला चुनाव आयोग द्वारा लगाई गई पाबंदियों के कारण इसकी मांग बढ़ी है। जिले के लगभग सभी उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर अपने अपने पेज बना रखे हैं व उनको प्रोमोट करने के लिए यह लोग पैसा खर्च कर रहे हैं। कई उम्मदीवारों की ओर से कुछ एजेंसियों को भी हायर किया गया है जो की उम्मीदवार के चुनाव प्रचार को संभाल रहे हैं। इस बार बैनर पोस्टल लगे वाहनों के काफिले दिखाई नही दे रहे हैं। मैदान पर हजारों की संख्या में पार्टी समर्थकों की भीड़ भी दिखाई नही दे रही है।न इस बार चुनावी महासमर पूरी तरह वर्चुअल प्लेटफार्म पर है। चुनाव को लेकर आयोग की ओर से शारीरिक रूप से मौजूदगी वाली कोई जनसभा, पदयात्रा, साइकिल रैली, बाइक रैली रोड शो पर पाबंदी लगाने के बाद से जीत के लिए पार्टियों ने सोशल मीडिया पर अपनी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है।

पार्टी, नेता और समर्थक सभी फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और वाट्सएप पर सक्रिय हैं। सभी अपने अपने तरीके से लोगों को प्रभावित करने वाले पोस्ट सांझा कर रहे हैं, तो वहीं समर्थक उनकी पोस्ट को लाइक और कमेंट कर अपना समर्थन दे रहे हैं। पार्टी और उम्मीदवारों ने अपने अपने स्तर पर कंटेंट राइटर कर रखे हैं, ताकि अधिक से अधिक जनता को प्रभावित किया जा सके।

- सोशल मीडिया पर नारे और आकर्षक कंटेंट से मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के लिए हर स्तर पर मजबूत प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रत्याशियों द्वारा कंटेंट राइटर की मदद ली जा रही है। सोशल मीडिया फ्रेंडली और युवाओं के मन की बात को समझने वाले कंटेंट राइटर राजनीतिक दलों की पहली पसंद हैं। सोशल मीडिया पर अच्छा लिखने वाले लोगों से संपर्क किया जा रहा है। सोशल मीडया हैंडलर और बेहतरीन कंटेंट राइटर को उम्मीदवारों की ओर से हायर किया जा रहा है।

एक पार्टी के लिए काम कर रहे क्रिएटिव और कनेक्टिव कंटेंट राइटर बताते हैं कि सोशल मीडिया पर वन लाइनर का ट्रेंड है। टविटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अधिकतर युवा ही हैं। इनकी चुनाव में अहम भूमिका मानी जाती है। युवा वोटर ही किसी भी पार्टी व उम्मीदवार की परिवार के बीच छवि तैयार करते हैं। ऐसे में युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने वाला कंटेंट ज्यादा मायने रखता है। कंटेंट ऐसा होना चाहिए जो युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करे। यह तभी संभव है जब औरों से अलग और क्रिएटिव पोस्ट करें। सोशल मीडिया पर निगेटिव और पाजिटिव दोनों ही कंटेंट चलते हैं।

----उम्मीदवारों की ओर से हर कंटेक्ट राइटर को हर माह 20 से 25 हजार रूपये दिए जाते हैं। इसके अलावा उनके रहने व खाने का इंतजाम भी उम्मीदवार की ओर से ही किया जा रहा है। जिले के कई लोकल बेरोजगार युवकों को चुनाव में रोजगार मिल जाता है। इनका मुख्य काम उम्मीदवार की ओर से किए गए प्रचार की फोटो को उम्मदीवारों के पेज पर डालना है।