जेएनएन, नवांशहर : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों और अध्यापकों के पर किए हमले के विरोध में रोष प्रदर्शन किया।

पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन के राज्य स्तरीय आह्वान पर सरकारी आईटीआई में एबीवीपी के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया गया। पीएसयू के राज्य वित्त सचिव बलजीत धर्मकोट और जिला नेता राजू खन्ना ने बताया कि रविवार को यूनिवर्सिटी में धरना लगाकर बैठे विद्यार्थी और अध्यापकों के पर कुछ शरारती तत्वों ने कातिलाना हमला किया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी पिछले 60 दिनों से अपनी फीसों में बढ़ोतरी को लेकर शांत ढंग से प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे थे। लेकिन वाइस चांसलर द्वारा शरारती तत्वों की सहायता के साथ धरना उठाने के लिए विद्यार्थी और अध्यापकों पर हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी पूरे देश में विद्यार्थी संघर्षो का प्रतीक है। इस कारण आरएसएस की बीजेपी सरकार इसे निशाना बना रही है।

बलजीत ने कहा कि एक तरफ देश में अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं। मुसलमान, सिक्खों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा है। अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के विरोध में विद्यार्थी सड़कों पर आ गए हैं। इस कारण केंद्र सरकार शरारती तत्वों द्वारा विद्यार्थियों की आवाज को दबाना चाहती है।

आईटीआई लड़कियां की प्रधान जसविदर कौर और सचिव कमल टिब्बा ने कहा कि यदि बीजेपी सरकार हमला करने वाले शरारती तत्वों के पर तुरंत मामले दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं करती तो वह जेएनयू के विद्यार्थियों की हिमायत करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि आठ जनवरी को होने वाली हड़ताल के मद्देनजर सभी शिक्षा संस्थाओं को बंद करके हड़ताल में भाग लिया जाएगा। इस मौके मनप्रीत कौर, अमनदीप कौर, मनीषा, प्रियंका, पूजा, दीक्षा, लवली जोशी, हन्नी, मनदीप कौर और हरदीप सिंह मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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