संवाद सूत्र, नवांशहर : जिला रोजगार और कारोबार ब्यूरो द्वारा नई इमारत में तब्दील होने के उपरांत लगाए गए पहले रोजगार मेले दौरान 265 कारीगरों ने भाग लिया, जिनमें से 81 कारीगरों को भारतीय जीवन बीमा निगम की नवांशहर ब्रांच की ओर से आईआरडीए लाइसेंस दिलाने के लिए उनका चुनाव किया गया। जिला रोजगार ब्यूरो के मुख्य कार्यकारी अफसर अमृत ¨सह उप डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिला रोजगार और कारोबार ब्यूरो रोजगार विभाग के साथ जोड़े गए 12 लाइन विभागों की ऐसी छतरी है जिसमें प्रत्येक को उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने अथवा स्वरोजगार पर लगाने के लिए सहायता की जाएगी।

इस प्रतियोगी समय में प्रत्येक को नौकरी मिलनी संभव नहीं है, इसीलिए हमें और रोजगार अवसरों की संभावनाएं तलाश करने की अधिक जरूरत है। इन संभावनाओं में स्वरोजगार सबसे अधिक कामयाब है। जिसके लिए सरकार से कई प्रकार के वित्तीय योजनाएं चलाई गई हैं। उन्होंने एलआईसी द्वारा चुने गए 81 कारोबारियों का हवाला देते हुए बताया कि आज बीमा क्षेत्र में रोजगार की सबसे अधिक संभावनाएं हैं, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में आने वाले खतरे प्रति जागरूक है। इसके बिना और बहुत से क्षेत्रों में किसी तरह की सेवा देने का क्षेत्र, सर्किल सेंटरों से सिखलाई लेकर भिन्न-भिन्न स्थानों पर अच्छे वेतन पर काम करने के अवसर भी मौजूद हैं।

हमें अपनी सोच को नौकरी पर सीमित न करके अपना स्वयं कारोबार करने की जरूरत है, क्योंकि समाज और बाजार केवल नौकरियों पर ही नहीं चलता, बल्कि सेवा के योगदान की भी जरूरत होती है। प्रत्येक कारोबार में रोजगार की संभावनाएं मौजूद होने के कारण जिला रोजगार और कारोबार ब्यूरो के कार्य को इस ढंग से बनाया गया है के प्रत्येक व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार रोजी-रोटी कमाने के योग्य बनाया जा सके।

इस मेले में स्वरोजगार को उत्साहित करने के लिए एससी, बीसी कारपोरेशन, डेयरी विभाग, जिला उद्योग केंद्र और खादी बोर्ड और बागवानी विभाग के अफसर भी उपस्थित रहे।

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