राजीव पाठक, नवांशहर : लोगों को गैस सिलेंडर बुक करवाने, गैस लेकर आने की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। जिले में अब पाइप लाइन के जरिए घरों में गैस सप्लाई की जाएगी। इसके लिए शहर में सर्वे का काम शुरू हो गया है। सर्वे करने वाली कंपनी के डेढ़ दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने शहर के विभिन्न हिस्सों का सर्वे किया। सर्वे के जरिए यह पता लगाया जा रहा कि पाइप लाइन कहां से कहां तक जाएगी। गैस लाइन काम पूरा होने के बाद इसकी सप्लाई शुरू हो सकेगी। शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए कंसार्टियम ऑफ ¨थक गैस इंवेस्टमेंट्स के कर्मचारियों ने सर्वे शुरू किया है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने कंपनी को सर्वे का काम सौंपा है। शहर के प्रमुख चौक, नेहरू गेट, चंडीगढ़ रोड, बंगा रोड सहित तमाम सड़कों का जायजा लिया गया। शहर में सर्वे के लिए पहुंची टीम अगले दो हफ्ते तक सभी हिस्सों का मुआयना करेगी। टीम, बलाचौर, बंगा भी जाएगी। सर्वे के बाद यहां गैस सप्लाई लाइन प्रोजेक्ट की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर गैस पाइप लाइन का काम होगा। यहां से काम खत्म करने के बाद यह टीम दूसरे शहर के लिए रवाना हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए देशपांडे एंड कंपनी कंसल्टेंट है।

167 शहरों व कस्बों में विभिन्न चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने पंजाब में लुधियाना, बरनाला, मोगा, जालंधर, मोहाली, पटियाला, संगरूर, कपूरथला व शहीद भगत ¨सह नगर के घरों में गैस पाइप लाइन के जरिए गैस सप्लाई करने की मंजूरी दी थी। जिसको लेकर विभिन्न कंपनियों को काम सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने घरों में गैस सप्लाई के लिए नीति में बदलाव किया था। पहले के नियमों में कंपनी को एकमुश्त किराया सरकार को देना था। पीएनजीआरबी द्वारा आपत्ति जताने के बाद हर साल किराया लेने का फैसला किया गया। इसके बाद सूबे के घरों में गैस सप्लाई करने का रास्ता साफ हुआ। सूबे के सभी 167 बड़े शहरों व कस्बों को विभिन्न चरणों में गैस सप्लाई की व्यवस्था की जानी है।

2 हफ्ते में काम होगा पूरा : अरशद

कंसार्टियम ऑफ ¨थक गैस इंवेस्टमेंट्स कंपनी के अरशद मोजी ने बताया कि कंपनी को जालंधर, फगवाड़ा, कपूरथला, नवांशहर का प्रोजेक्ट मिला है। फिलहाल कंपनी मेन लाइन के लिए सर्वे कर रही है। इसके तहत जालंधर, कपूरथला, बलाचौर होते हुए पाइप लाइन नवांशहर आएगी। दूसरे चरण में शहर के विभिन्न इलाकों में पाइप लाइन बिछेगी। दोनों पाइपों में अंतर यह होता है कि मेन लाइन में हाई प्रेशर में गैस होती थी। आगे प्रेशर को कम करके घरों तक ले जाने के छोटी पाइपों का इस्तेमाल होगा। फिलहाल कंपनी जिले में दो हफ्ते तक सर्वे करेगी।

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