जगदीश लाल कलसी, बंगा : बंगा से दो बार विधायक रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता चौधरी मोहन सिंह ने गांधीगिरी के नाम पर बंगा के बस स्टैंड पर बूट पालिश करके कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। चौधरी मोहन सिंह का कहना है कि वह दो बार बंगा से विधायक रहे हैं तथा एक बार पीपीएससी के मेंबर एक गांव में सरपंच पद हासिल करने के बाद जिला परिषद सदस्य के रूप में राजनीति शुरू कर विधानसभा तक का सफर उन्होंने लोगों के प्रेम तथा क्षेत्र के विकास में नया आयाम लाकर की है। उन्होंने दावा किया कि वह अपने कार्यकाल में बंगा में सरकारी पालिटेक्निक कालेज पीपी, इस स्कीम के तहत गांव जंडियाला में सीबीएसइ सीनियर सेकेंडरी स्कूल बंगा, नई दाना मंडी, सब्जी मंडी, बस स्टैंड, मार्किट कमेटी कार्यालय, बंगा को तहसील का दर्जा दिलाना, सीएचसी बंगा में 30 बिस्तरों का अस्पताल बनाना तथा बंगा के 50 से अधिक गांवों में पानी की टंकियां बनाई। इसके अलावा संविधान निर्माता डा. बीआर आंबेडकर का बंगा बहराम, पद्दी मठवाली के अलावा विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में बाबा साहिब की प्रतिमा लगाने का कार्य किया। गांव कटारिया में सरदार उधम सिंह की प्रतिमा भी लगाई गई, जिससे आने वाली पीढि़यां गदर लहर तथा बाबा साहिब के संविधान के अनुरूप मिलने वाली सुविधाओं का पाठ पढ़ते रहें। बंगा विधानसभा के आगामी चुनाव के लिए चुनाव लड़ने वालों की लिस्ट लंबी है, मगर जब से बंगा में एक आइएएस अधिकारी को टिकट देने की चर्चा छिड़ी है, तो सबसे पहले पहल करते हुए चौधरी मोहन सिंह ने पार्टी हाईकमान से कहा कि वह सतनाम सिंह कैंथ के पुत्र हरप्रीत सिंह कैंथ, राजिद्र ठेकेदार को टिकट दे दें, तो पार्टी की जीत को सुनिश्चित करने के लिए जुट कर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि बंगा के पूर्व विधायक पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी रहे हैं। उन्होंने बंगा में पार्टी के पतन के लिए काम किया। शहर तथा गांव के विकास के लिए कहने को उनके पास कोई भी काम नहीं है। सतनाम सिंह कैंथ के बेटे उनकी मृत्यु के बाद लगातार कांग्रेस को बंगा में बचाने के लिए प्रयासरत रहे हैं। 2019 में केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी के श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा चुनाव क्षेत्र से चुनाव लड़ने के मौके पर उनके समेत कई लोग कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए तथा जीत सुनिश्चित की। अब पार्टी उनकी सीनेट को नकार कर किसी भी आइएएस अधिकारी को बंगा से चुनाव लड़ाएगी तो विरोध तो संभव है। पार्टी को वरिष्ठता के आधार पर उन्हें चुनाव लड़ना होगा, क्योंकि उनका यह संवैधानिक हक है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी ऐसे ही प्रशासनिक अधिकारियों को सत्ता में लाती रही, तो आम जनता से निकलने वाले नेता कहां जाएंगे। एक दिन डेमोक्रेटिक के माध्यम से देश व क्षेत्रों में फिर से डिक्टेटरशिप कायम हो जाएगी। बंगा के बस स्टैंड पर स्थित अस्पताल में बैठकर चौधरी मोहन सिंह ने सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बूट पालिश किए। चौधरी मोहनलाल की इस अनूठी गांधीगिरी का कांग्रेस हाईकमान पर क्या असर होता है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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