जागरण संवाददाता नवांशहर : डीसी विनय बवलानी ने किसानों से धान के खेतों में गेहूं की बिजाई पराली को आग लगाए बिना करने की अपील की है। उन्होंने कहा, किसान कृषि विभाग की ओर से मुहैया करवाई गई मशीनों से पराली का निपटारा करें। डीसी जिला कृषि उत्पादन कमेटी की बैठक के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले साल धान के सीजन के दौरान 251 केस पराली जलाने के सामने आए थे, लेकिन इतना होने के बाद भी जिला पंजाब में सबसे कम ऐसे केस वाला दूसरा जिला बना था। उन्होंने कहा, इस बार 134 हैप्पी सीडर, मल्चर तथा एसएमएस सिस्टम मुहैया करवाए जा चुके हैं। किसान अपने नजदीक पराली निपटारा मशीनों की खोज के लिए मोबाइल पर खेत मशीन एप डाउनलोड कर सकते हैं। डीसी ने अपील की है कि पराली निपटारा मशीनरी का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए। मुख्य कृषि अधिकारी गुरबख्श सिंह संधू ने बताया कि इसके अलावा सबमिशन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन स्कीम के तहत 65 निवेदकों को 50 फीसदी सब्सिडी पर पराली निपटारा मशीनें मुहैया करवाई जा चुकी है। जिले के किसानों को बढि़या खाद्य, दवाइयां तथा बीजों की पूर्ति यकीनी बनाने के लिए की जा रही सेंपलिग के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस साल लिए गए खादों के 36 सैंपल में से प्राप्त 25 के नतीजों में एक सैंपल फेल हुआ है। एक सैंपल जो फेल हुआ उस डीलर का लाइसेंस रद कर दिया गया है। दवाइयों के 64 में से 47 सैंपल ठीक पाए गए जबकि बीजों के 18 में से 17 सैंपल ठीक पाए गए हैं और एक फेल पाया गया है। इसके डीलर तथा निर्माता को शो कॉज नोटिस जारी कर दिए गए हैं।

कैंप लगाकर पानी बचाने के लिए किसानों को किया जागरूक

गुरबख्श सिंह संधू ंने बताया कि जिले के किसानों को जल शक्ति अभियान के तहत पानी बचाने का संदेश देने के लिए सितंबर में 32 जागरूकता कैंप लगाए गए तथा 241 किसानों को पानी बचाने के लिए जागरूक किया गया। मक्की की फसल के लिए तुपका सिचाई को प्रफुल्लित करने के मकसद से 50 प्रदर्शनी लगाई गई। इनके लिए 90 प्रतिशत सब्सिडी रखी गई है। इसके अलावा मक्की के तहत 4000 हेक्टेयर क्षेत्र लाया गया है ।

Posted By: Jagran

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