संवाद सूत्र, मलोट (श्री मुक्तसर साहिब) : सूरत में कोचिग सेंटर पर लगी आग के कारण सेंटर पर ट्यूशन लेने वाले अनेकों युवाओं को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। इसका बड़ा कारण आग लगने पर की जाने वाले सुरक्षा को लेकर इंतजाम न होना था। लगता था की दिल दहलाने वाले इस हादसे के बाद राज्य सरकारें जागेगी, लेकिन पंजाब सरकार तो इस मामले में जागी नहीं, तभी तो शहर में आइलेट्स, इमीग्रेशन, आइलेट्स, इंग्लिश स्पीकिग कोर्स करवाने वाले 15 सेंटर हैं। इन सेंटरों में से केवल एक सेंटर के द्वारा ही फायरबिग्रेड से फायर सेफ्टी संबंधी एनओसी ली गई है, जबकि बाकी सेंटर तो यूं ही कार्य कर रहे हैं। इसका खुलासा आरटीआइ से हुआ।

नगर कौंसिल से आरटीआइ एक्ट के तहत जानकारी मांगी गई थी। जानकारी में नगर कौंसिल ने बताया की शहर में आइलेट्स, इमीग्रेशन, आइलेट्स ,इंग्लिश स्पीकिग कोर्स करवाने वाली करीब 15 फर्म व सेंटर हैं। इन 15 में से सिर्फ एक के पास ही फायर सेफ्टी के संबंध में एनओसी है, जबकि बाकी किसी ने भी उनके पास से एनओसी नहीं ली है। वह तो बस वैसे ही चला रहे हैं। इस संबंध में प्रशासन ने भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि डीसी की ओर से बार बार इन्हें अपने कागजात पूरे करने को कहा गया है।

उधर एसडीएम गोपाल सिंह ने कहा कि यदि यह सेंटर नियमों का पालन नहीं कर रहे तो ऐसे सेंटरों पर कानून के मुताबिक बनती कार्रवाई भी की जाएगी। क्योंकि नियमों का पालन करने के बाद ही सेंटर को चलाया जा सकता है। विद्यार्थियों की सुरक्षा सबसे पहले है, जो सेंटर विद्यार्थियों को सुरक्षित नहीं रख सकता उसे सेंटर चलाने का भी कोई अधिकार नहीं है।

Posted By: Jagran

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