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अभिभावक ध्यान दें! पंजाब में कल नहीं चलेंगी स्कूल वैन, नए नियमों के विरोध में चालक हड़ताल पर; बढ़ेगी परेशानी

Published: Wed, 02 Sep 2026 03:28 PM (IST)

नए लाइसेंस नियम, 45 दिन की अनिवार्य ट्रेनिंग, बढ़ी फीस और भारी जुर्माने के विरोध में पंजाब के स्कूल वैन ...और पढ़ें

स्कूल वैनें।

स्कूल वैनें।

HighLights

  1. स्कूल वैन चालक नई गाइडलाइन के विरोध में एक दिवसीय हड़ताल पर।

  2. 45 दिन की अनिवार्य ट्रेनिंग और बढ़े जुर्माने से चालक नाराज।

  3. बठिंडा में राज्य स्तरीय रोष रैली, परिवहन होगा प्रभावित।

नरेश कुमार, जागरण, श्री मुक्तसर साहिब। पंजाब सरकार की ओर से स्कूल वैन चालकों के लिए लागू नई ड्राइविंग लाइसेंस गाइडलाइन और अन्य नियमों के विरोध में वीरवार को पूरे पंजाब में स्कूल वैन चालक एक दिन की हड़ताल करेंगे। चालक बठिंडा में राज्य स्तरीय रोष रैली भी करेंगे। हड़ताल का पंजाब के सभी जिलों में व्यापक असर पड़ने की संभावना है।

राज्य भर में हजारों स्कूल वैनों के पहिए थमेंगे। कई निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों के लिए पहले ही छुट्टी घोषित कर दी है, जबकि कुछ स्कूलों ने अभिभावकों से बच्चों को स्वयं स्कूल छोड़ने और वापस लाने की व्यवस्था करने को कहा है।

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45 दिन की ट्रेनिंग से बढ़ा खर्च

स्कूल वैन चालक जगदेव सिंह, हरमेल सिंह, कुलदीप सिंह और बाबा मेजर सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत भारी वाहन लाइसेंस बनवाने या उसके नवीनीकरण के लिए 45 दिन की अनिवार्य ट्रेनिंग करनी होगी। इसके लिए करीब 14 हजार रुपये खर्च होंगे।

चालकों का कहना है कि पहले गांव माऊआणा स्थित प्रशिक्षण केंद्र में दो दिन की ट्रेनिंग होती थी, जिस पर करीब 800 रुपये खर्च आता था। उनका कहना है कि 45 दिन तक प्रशिक्षण लेने से रोजाना काम और आय प्रभावित होगी।

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नियमों और जुर्माने को लेकर नाराजगी

चालकों के अनुसार स्कूल वैनों पर पहले से करीब 120 नियम लागू हैं। अब नए नियमों के कारण छोटे संचालकों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। उनका दावा है कि पहले नियम उल्लंघन पर 500 से 800 रुपये तक का चालान होता था, जबकि अब 15 हजार से 30 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा रहा है।

चालकों ने मांग की है कि स्कूल वैनों की पासिंग केवल वाहन की उम्र के आधार पर न की जाए, बल्कि उसकी वास्तविक फिटनेस को आधार बनाया जाए। उनका कहना है कि 15 साल पुरानी वैनों पर रोक की शर्त व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि स्कूल वैन रोजाना करीब 40 से 50 किलोमीटर ही चलती हैं।

टैक्स में राहत और ई-रिक्शा पर कार्रवाई की मांग

वैन संचालकों ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पंजाब में भी टैक्स में राहत देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ई-रिक्शा नियमों के विपरीत स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही।

चालकों का कहना है कि वे प्रति बच्चे 700 से 1000 रुपये शुल्क लेते हैं। इसी राशि से ईंधन, वाहन रखरखाव, टैक्स और महिला परिचारिका का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।

चालकों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। संगठन ने हड़ताल के दौरान बच्चों को स्कूल लेकर जाने वाले चालक पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाने की बात भी कही है।

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