जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब

अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग को लेकर ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा के समर्थन में पंजाब रोडवेज पनबस कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने बुधवार को भी सुबह दस बजे से लेकर दोपहर के दो बजे तक बस स्टैंड बंद रखा। समूह कांट्रैक्ट वर्करों ने बस स्टैंड के अंदर लगातार चार घंटे धरना दिया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि 9 से 11 अगस्त तक मुकम्मल हड़ताल कर काम बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें स्थायी करने की मांग पूरी नहीं हो जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

यूनियन के प्रांतीय नेता कमल कुमार, प्रधान हरजिदर सिंह, सचिव तरसेम कुमार, खजांची लखवीर सिंह ने कहा कि कैप्टन सरकार विधानसभा चुनाव में सभी विभागों के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के वादे के साथ सत्ता में आई थी। त्रासदी यह है कि सरकार ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में ठेका मुलाजिमों को पक्का करने के स्थान पर केंद्र सरकार की कारपोरेट पक्षीय नीतियों को लागू करते हुए समूह विभागों का निजीकरण करने पर तुली हुई है। पुनर्गठन के नाम पर एक लाख से अधिक पदों का खात्मा ही कर दिया है। खजाना खाली होने और अन्य कानूनी अड़चनों का बहाना बनाकर सरकार अस्थायी कर्मियों को स्थायी करने से भाग रही है। अस्थायी कर्मचारी पिछले बीस सालों से ठेका प्रणाली की चक्की में पिस रहे हैं। नेताओं ने कहा कि छह अगस्त को ट्रांसपोर्ट मंत्री ने यूनियन के नेताओं की मीटिग बुलाई है। इस मीटिग में पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के बारे में कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया तो 9, 10 व 11 अगस्त को मुकम्मल हड़ताल की जाएगी।

उधर, रोडवेज कर्मियों की ओर बस स्टैंड बंद कर देने पर दूसरे दिन भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बसें बस स्टैंड के सामने सड़क पर खड़ी होने के कारण यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ा। सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी रही।

Edited By: Jagran