जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब

डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन पंजाब से संबंधित कर्मियों का राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे आर्थिक शोषण के खिलाफ 24 फरवरी को कच्चे कर्मचारी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर ¨सह के हलके में प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

इस संबंध में कर्मियों की गुरु गो¨बद ¨सह पार्क में हुई बैठक के दौरान विचार विमर्श किया गया। जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से उनकी मांगों को लंबे समय से लटकाया जा रहा है। सरकार लोक भलाई विभागों को एक एक कर खत्म कर रही है। आशा वर्कर व फैसिलीटेटर यूनियन की नेता कर्मजीत कौर ने कहा कि सरकार की ओर से शहरी व ग्रामीण डिसपेंसरी को निजी हाथों में सौंपने जा रही है। मिड डे मील यूनियन की जिलाध्यक्ष रमनजीत कौर ने बताया कि मिड डे मील वर्कर रोजाना बच्चों के लिए खाना तैयार करती है। लेकिन उन्हें 50 रुपये से भी कम वेतन दिया जाता है। उनका कोई बीमा नहीं किया जाता। उन्हें किसी तरह की कोई छुट्टी भी नहीं मिलती। जंगलात विभाग के गुरमेल ¨सह ने बताया कि वह बीते 20 वर्ष से कच्चे कर्मचारी के तौर पर ही काम कर रहे हैं। सरकार ने नवंबर 2016 में 27 हजार ठेका कर्मियों को पक्का करने का नोटीफिकेशन जारी किया था। लेकिन अभी तक उस पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कर्मियों को पक्का करवाने समेत पूरा वेतन लेने, पदोन्नति देने आदि मांगों को लेकर ही वह 24 फरवरी को पटियाला में रैली करने जा रहे हैं।

इस मौके पर सुखजीवन बावा, राजा ¨सह, सरबजीत कौर, विद्या रानी, वीरपाल कौर आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran