जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब

नई भर्ती करने, कर्मचारियों की पदोन्नति करने, प्रशासकीय भत्ता देने आदि मांगों को लेकर डीसी दफ्तर के कर्मियों ने बुधवार से फिर से संघर्ष शुरू कर दिया है। पहले दिन उन्होंने कलमछोड़ हड़ताल कर डीसी दफ्तर परिसर में राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगों की पूर्ति तक अपना संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते रजिस्ट्रियों, ट्रासपोर्ट, असलहा व सर्टिफिकेट आदि के तमाम काम ठप रहे। जिन लोगों को कर्मचारियों की हड़ताल के बारे में पता नहीं था, उन्हें विभिन्न दफ्तरों में काम न होने के कारण निराश होकर लौटना पड़ा।

मिनी सचिवालय परिसर में रोष प्रदर्शन के दौरान संबोधित करते हुए डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान वरिदर ढोसीवाल ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पिछले साढ़े चार साल से लगातार उनकी मांगों को नजरंदाज किया जा रहा है। जबकि डीसी दफ्तर के कर्मचारी प्रत्येक प्रोजेक्ट में अग्रणी भूमिका अदा करते हैं। उनकी मांगों को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों के साथ बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन उन्होंने केवल आश्वासन देने के अलावा कोई मांग पूरी नहीं की। खाली पड़े पदों पर भर्ती की मांग की गई तो पुनर्गठन के नाम पर उन पदों को ही खत्म कर दिया गया। पदोन्नतियां नहीं की जा रही हैं। पदोन्नतियों का अधिकार ही छीन लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन कर्मचारी किसी भी हालत में दबने वाले नहीं हैं। वीरवार को फिर से कलमछोड़ हड़ताल रखी जाएगी।

इसके अलावा प्रदेश सरकार व वित् कमिश्नर (माल) का पुतला भी फूंका जाएगा। 24 सितंबर को सभी कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर मोहाली में हो रही राज्य स्तरीय रैली में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्दी ही पूरा नहीं किया गया तो और भी कड़ा संघर्ष शुरू किया जाएगा।

इस मौके पर सुरिदर कुमार पीए, भूपिदर सिंह, राजिदर बुट्टर, भोला राम, जगतार सिंह, मोहन सिंह, राजिदर कुमार, गुरमीत पाल, सतनाम सिंह, सुखपाल कौर, कमलदीप कौर, अमनजीत कौर आदि भी मौजूद थे।

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