संवाद सहयोगी, मोगा : बीती 12 सितंबर को शहर की जंडू वाली गली में 35 वर्षीय एक व्यक्ति को पिटबुल कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर कुत्ते के मालिक के खिलाफ आइपीसी की धारा 289 के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।

मामले की जांच कर रहे सहायक थानेदार अमरजीत ¨सह का कहना है कि शिकायतकर्ता व¨रदर कुमार निवासी रंधावा अगवाड़ निकट पुरानी चूंगी मोगा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह इलेक्शन दफ्तर मोगा में बतौर इलेक्शन मुलाजिम नौकरी करता है। 12 सितंबर की रात करीब सवा 9 बजे वह बाइक पर जंडू वाली गली में किसी काम से गया था। इस दौरान जंडू वाली गली में रहने वाले दीपू नामक युवक ने अपना पिटबुल कुत्ता खुला छोड़ रखा था और वह खुद फोन पर किसी से बात कर रहा था। शिकायतकर्ता दीपू के घर के आगे से गुजरने लगा तो कुत्ते ने बाइक पर ही शिकायतकर्ता को झपट लिया। इस दौरान बचाव के लिए शिकायतकर्ता ने शोर भी मचाया लेकिन कुत्ते का मालिक फोन पर व्यस्त रहा, जिसके चलते शिकायतकर्ता ने आनन फानन में बाइक वहां से भगा लिया, जिस कारण उसकी दोनों टांगों पर कुत्ते ने गंभीर रूप से काटकर घायल कर दिया। पुलिस ने करीब 12 दिन की लंबी जांच के बाद पीड़ित के बयानों पर आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी ने बताया कि फिलहाल आरोपित की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पहले भी एक युवक हो चुका है शिकार

मिली जानकारी के अनुसार आरोपित दीपू का पालतू पिटबुल कुत्ता जंडू वाली गली निवासी एक युवक को पहले भी शिकार बना चुका है। जिसको लेकर थाना सिटी साउथ पुलिस द्वारा आरोपित के खिलाफ केस भी दर्ज किया जा चुका है। उस मामले के जांच अधिकारी थाना सिटी साउथ के हवलदार धर्मपाल ¨सह ने बताया है कि करीब 20 दिन पहले एक युवक ने शिकायत दी थी कि आरोपित दीपू ने जानबूझ कर अपना कुत्ता खुला छोड़ा, जिसके चलते कुत्ते ने शिकायतकर्ता को नोच खाया। इस शिकायत के आधार पर आरोपित दीपू के खिलाफ थाना सिटी साउथ में केस दर्ज किया जा चुका है और आरोपित की गिरफ्तारी को कई बार उसके घर पर दबिश भी की जा चुकी है, लेकिन वह हर बार अपने घर पर मौजूद नही मिला। जुर्माने के साथ हो सकती है जेल

एडवोकेट सुनील गर्ग का कहना है कि आइपीसी की धारा 289 के तहत आरोपित को एक हजार रुपये तक की सजा और छह माह तक की कैद या फिर अदालत उक्त दोनों सजाएं आरोपित को सुना सकती है। उक्त मामला जमानत योग्य है और केस दर्ज होने के बाद इसमें कोई समझौता नहीं हो सकता है। दैनिक जागरण ने पहले ही दी थी चेतावनी

बता दें कि छोटे घरों या फिर रिहायशी इलाकों में हाईब्रीड नस्ल के कुत्ते नहीं रखे जा सकते है। ऐसा करने पर कुत्ता रखने वाले के खिलाफ क्रुएलिटी ऑफ एनिमल एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसको लेकर दैनिक जागरण द्वारा 10 सितंबर के अंक में प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित की जा चुकी है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम पालतू कुत्तों को लेकर बायलॉज तैयार कर चुका है और जल्द ही उक्त बॉयलाज को लागू करने जा रहा है।

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Posted By: Jagran