जागरण संवाददाता, मोगा

गोल्डन वीजा पर इंग्लैंड प्रवास कर लौटे प्रसिद्ध कोरियोग्राफर संजीव जिम्मी के इंग्लैंड से लौटकर बीमार होने व अस्पताल न जाने की एक झूठी शिकायत शहर के ही एक युवक ने केन्द्रीय राज्य वित्त एवं कॉरपोरेशन मंत्री अनुराग ठाकुर को मेल भेजकर कर दी। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की जांच में शिकायत झूठी पाई गई है जिसकी पुष्टि जिला एपिडमोलॉजिस्ट डॉ.नरेश कुमार ने की है।

इंग्लैंड से लौटने के बाद संजीव जिम्मी स्वेच्छा से 19 मार्च को मथुरादास सिविल अस्पताल पहुंचे थे, वहां अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया था। जांच में सामान्य पाए जाने पर उन्हें 14 दिन के होम क्वारांटाइन में रखा गया था, जिसकी अवधि तीन अप्रैल को समाप्त हो चुकी है। झूठी शिकायत कर अफवाह फैलाने वालों की पुलिस जांच कर रही है।

संजीव जिम्मी पहले ऐसे भारतीय कलाकार हैं, जिन्हें भारत में रहते हुए इंग्लैंड सरकार ने गोल्डन वीजा देकर सम्मान दिया था। इसी गोल्डन वीजा के आधार पर वे 16 मार्च को अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरे थे। वहां पर संजीव जिम्मी के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें घर रवाना कर दिया था। जिम्मी ने बताया कि 19 मार्च को परिवार की सेफ्टी को देखते हुए वे खुद सिविल अस्पताल स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचे थे। एमएस डॉ.राजेश अत्री से मुलाकात कर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आग्रह किया था। जांच में कुछ नहीं मिला तो उन्हें घर में ही एतिहात के रूप में होम क्वारांटाइन में रहने की सलाह दी थी, इसके बावजूद केन्द्र सरकार के मंत्री को मेल भेजकर बिना तथ्यों के आधार पर झूठी शिकायत दी गई थी।

एक अन्य शिकायत किसी ने ऑल इंडिया उलामा मसाइख बोर्ड के अध्यक्ष सोनू वाहिद को लेकर की थी कि वे दिल्ली में जमात में गए थे। सीआईडी की जांच में शिकायत झूठी पाई गई। सोनू वाहिद के अनुसार वे जमात से ताल्लुक नहीं रखते हैं, वे सुन्नी समुदाय से हैं। जमात में देवबंद मुस्लिम ही जाते हैं।

Posted By: Jagran

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