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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रशासन के आगे हारी 'सत्ता', अब हाउस में 'दम' दिखाने की तैयारी

By JagranEdited By:
Published: Sat, 20 Nov 2021 10:17 PM (IST)

। शनिवार को म्यूनिसिपल इंप्लाइज फेडरेशन ने हड़ताल समाप्त करने की औपचारिक घोषणा करने के बाद शहर में लगे कचरे के डंप शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया

प्रशासन के आगे हारी 'सत्ता', अब हाउस में 'दम' दिखाने की तैयारी
प्रशासन के आगे हारी 'सत्ता', अब हाउस में 'दम' दिखाने की तैयारी

सत्येन ओझा.मोगा

जिला प्रशासन के साथ करीब नौ घंटे चली बैठक के बाद शनिवार को म्यूनिसिपल इंप्लाइज फेडरेशन ने हड़ताल समाप्त करने की औपचारिक घोषणा करने के बाद शहर में लगे कचरे के डंप शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया, ये काम शाम तक लगातार जारी था।

हालांकि मुलाजिमों ने कचरा हटाने का काम एक दिन पहले ही शुरू कर दिया था। उधर, नगर निगम की सत्ता पर काबिज कांग्रेस को पार्षद के साथ मारपीट मामले में प्रशासन के सामने हार का सामना करना पड़ा है, इससे नाराज स्थानीय कांग्रेस ने नगर निगम हाउस की बैठक में 23 नवंबर को बुलाई है, ताकि हाउस में पार्षद के खिलाफ मारपीट मामले में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ प्रस्ताव पास किया जा सके। साथ ही सफाई व्यवस्था को लेकर भी सत्ता पक्ष की ओर से प्रस्ताव सदन में रखा जाएगा।

पार्षद के साथ की थी मारपीट

हड़ताल के दौरान लाठीचार्ज से नाराज निगम मुलाजिमों में से कुछ लोगों ने नगर निगम में किसी काम के सिलसिले से पहुंचे कांग्रेस पार्षद प्रवीन मक्कड़ के साथ मारपीट की थी। अगले दिन नगर निगम की सत्ता पर काबिज कांग्रेस के विधायक डा.हरजोत कमल ने समर्थक पार्षदों के साथ नगर निगम परिसर में धरना देकर पुलिस को सीधी चुनौती दी थी कि पार्षद से मारपीट करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाए, अन्यथा वे एसएसपी आफिस के बाहर धरना देंगे। मुलाजिमों पर कार्रवाई न होने का दिया भरोसा

शहर में हड़ताल के कारण बढ़ते कचरे के ढेर व विधायक की धमकी को देखते हुए डीसी हरीश नायर ने 18 नवंबर की रात को सात बजे नगर निगम के हड़ताली मुलाजिमों को बातचीत के लिए बुलाया था। बातचीत अगले दिन 19 नवंबर की सुबह साढ़े चार बजे तक चली थी। आखिरकार बैठक में ये फैसला लिया गया कि किसी भी मुलाजिम पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद निगम के मुलाजिमों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का भरोसा दिया था। फेडरेशन के बैनर तले मुलाजिमों ने शनिवार को हड़ताल समाप्त करने की औपचारिक घोषणा कर शहर भर में लगे कचरे के ढेर उठाने शुरू कर दिए हैं।

फेडरेशन के सदस्यों ने दी चेतावनी

समझौता वार्ता में भाग लेने वालों में

फेडरेशन के प्रधान सेवक राम फौजी, जनरल सचिव रवि सारवान, सीवरेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान सतपाल अनजान, सफाई सेवक यूनियन के प्रधान सुखपाल सौदा, वाल्मीकि सभा के प्रधान शम्मी बोहत आदि ने चेतावनी दी है कि अगर किसी मुलाजिम के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो उन्हें दोबारा आंदोलन शुरू करना पड़ेगा। विधायक ने की कार्रवाई की मांग

उधर कांग्रेस विधायक डा.हरजोत कमल के दफ्तर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सफाई कर्मचारियों ने जिस प्रकार से पार्षद प्रवीण मक्कड़ के साथ मारपीट की है, उससे पैदा हुए हालातों के चलते निगम के पार्षदों ने 23 नवंबर को हाउस की बैठक बुलाने का फैसला लिया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शहर में लगे कचरे के ढेर जब सफाई मुलाजिमों ने उठाने से मना किए तो निगम की मेयर नीतिका भल्ला, सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीन कुमार, डिप्टी मेयर अशोक धमीजा के साथ निगम कमिश्नर ने कचरा उठाना शुरू किया। इसका मुलाजिमों ने इसका विरोध किया। लोक हित को देखते हुए जब कचरा रात में उठवा दिया तो अगले दिन सफाई मुलाजिमो ने कानून हाथ में लेते हुए पार्षद प्रवीन मक्कड़ के साथ मारपीट कर दी। विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि अकाली नेताओं के भड़काने के कारण ये स्थिति पैदा हुई है। विधायक डा.हरजोत कमल व सभी पार्षदों ने डीसी व एसएसपी से मांग की है कि पार्षद के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, अन्यथा हाउस में वे इसके खिलाफ फैसला लेंगे।