राज कुमार राजू ,मोगा

जिले में बारिश के बाद डेंगू व मलेरिया के केस बढ़ने की लोगों को चिता सताने लगी है। वहीं सेहत विभाग की टीमों की ओर से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करते हुए डेंगू मच्छर के लारवे को नष्ट किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर चेतावनी देने के साथ लोगों के चालान काटे जा रहे है। अब तक कुल 115 लोगों के टेस्ट किए गए थे। इनमें से दो केस शहर तथा दो गांवों के लोगों समेत चार लोग डेंगू से पीड़ित मिल चुके है। सिविल अस्पताल प्रशासन द्वारा डेंगू व मलेरिया के मरीजों के इलाज को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। एसएमओ डा.सुखप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि विभाग द्वारा सिविल सर्जन डाक्टर अमरप्रीत कौर बाजवा के नेतृत्व में अस्पताल की टीम ने डेंगू की रोकथाम के लिए सर्वेक्षण एवं जागरूकता गतिविधियों का संचालन जारी रखा है। एसएमओ डा.सुखप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि जिले में सेहत विभाग की टीमों द्वारा डेंगू के खिलाफ सर्वेक्षण किया गया, इस दौरान टीम द्वारा डेंगू के लारवा की जांच करने और लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए घरों में गई। उन्होंने डेंगू से बचाव की जानकारी देते हुए कहा कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना सबसे जरूरी है, क्योंकि इलाज से बेहतर बचाव है। डेंगू बुखार का मौसम चल रहा है। डेंगू बुखार मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है, जिसे टाइगर मच्छर भी कहा जाता है। डेंगू का लारवा पैदा न होने दें

डा. बराड़ ने बताया कि डेंगू का मच्छर कूलर, कंटेनर, रेफ्रिजरेटर के पीछे ट्रे, बर्तनों, छतों पर पड़े टायर और कूड़ेदान में साफ जमा पानी में पैदा होते हैं। एक सप्ताह में एक अंडा पूरा मच्छर बन जाता है। एक चम्मच पानी में भी यह मच्छर पनपता है और यह मच्छर ज्यादातर सुबह-शाम काटता है।

एसएमओ डा. बराड़ ने आम जनता से भी अपील की कि वे डेंगू से बचाव के लिए अपने घरों और आसपास पानी को खड़ा न होने दें और मच्छर के लारवा के खत्म करने के लिए सप्ताह में एक बार कूलर और फ्रिज की ट्रे साफ करें। आस पास रहने वाले लोगों को भी जागरूक करे ताकि हम डेंगू व मलेरिया मच्छर से अपना बचाव करने में योगदान दे सके। फ्री में जांच व उपचार की सुविधा मौजूद

एसएमओ डा.सुखप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि बुखार से ग्रसित प्रत्येक रोगी अपने नजदीकी के स्वास्थ्य संस्थान या अस्पताल में नि:शुल्क जांच के लिए संपर्क करें। बरसात के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताई गई सावधानियां बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि काले तेल का छिड़काव गलियों, नालों और तालाबों में किया जाए। ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो पूरे शरीर को ढंक दें, ताकि मच्छर काट न सकें। सोते समय मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली क्रीम और उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए।

एसएमओ डा.सुखप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि जिले में डेंगू व मलेरिया के मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाने के साथ साथ मच्छर दानी व अन्य पूरे प्रबंध किए गए हैं।

Edited By: Jagran