संस, धर्मकोट (मोगा) : एफसीआइ में इंस्पेक्टर पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 17.80 लाख की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने सीबीआइ फोरेंसिक लैब का टेक्नीकल एडवाइजर व उसके पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

मामले की जांच कर रहे डीएसपी धर्मकोट अजयराज ¨सह ने बताया कि शिकायतकर्ता मुख्तयार ¨सह वासी गांव दर्बुजी ने 19 दिसंबर 2017 को एसएसपी मोगा को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाए कि गांव चक्क कन्नियां कलां में रहने वाला ते¨जदरपाल ¨सह खुद को सीबीआइ की फोरेंसिक लैब का टेक्निकल एडवाइजर बताता है और आरोपित के पिता बलवीर ¨सह का भी यही कहना था कि उनका बेटा सीबीअइ में नौकरी करता है। वर्ष 2015 में आरोपित ते¨जदर ने मुख्तयार ¨सह के बेटे बलदेव ¨सह को एफसीआइ में बतौर इंस्पेक्टर भर्ती करवाने की बात कही तो लालच में आकर मुख्तयार ¨सह ने नौकरी पाने के लिए पैसे देने को हां कर दी। आरोपित ने किस्तों में शिकायतकर्ता से 17.80 लाख रुपये ले लिए, लेकिन न तो उसे एफसीआइ में नौकरी दिलाई और न ही उसके पैसे वापिस किए। करीब एक साल तक आरोपित पिता पुत्र उसके पैसे लौटाने को लेकर टालमटोल करते रहे, मगर पैसे वापस न मिलने के चलते पीड़ित ने पुलिस के पास शिकायत कर दी। एसएसपी ने मामले की जांच डीएसपी धर्मकोट से करवाई तो आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने दोनों पिता पुत्र के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी।

Posted By: Jagran