संवाद सहयोगी, मोगा : देश एवं धर्म की रक्षा करना खत्रियों की परंपरा है खत्री कुल में पैदा हुए 14 साल के बालक वीर हकीकत राय ने छोटी सी उम्र में देश एवं धर्म की खातिर अपना बलिदान देकर एक मिसाल पैदा की। उन्होंने ¨हदू धर्म को नहीं छोड़ते हुए मुस्लिम धर्म में जाने की बजाए अपना धर्म निभाते हुए बलिदान दिया। वीर हकीकत राय ने अपने बलिदान के द्वारा ¨हदुओं के साथ खत्री का धर्म भी निभाया। देश के खत्री बिरादरी के लिए विशेष तौर से वीर हकीकत राय का बलिदान प्रेरणा स्त्रोत है। इन विचारों का प्रकटावा खत्री सभा के अध्यक्ष एडवोकेट विजय धीर ने खत्री भवन में आयोजित वीर हकीकत राय के बलिदान दिवस के मौके पर किया। इस मौके पर सभा के सदस्यों ने अमर बलिदानी वीर हकीकत राय के चित्र पर फूल मालाएं अर्पित करते हुए वीर हकीकत राय के बलिदान को याद किया। विजय धीर ने कहा कि देश एवं धर्म के लिए बलिदान देना खत्रियों का धर्म एवमं परंपरा है । उन्होंने बताया कि ऐसे समागमों के द्वारा खत्री बिरादरी द्वारा युवाओं को अपने देश एवं धर्म के प्रति प्रेरित करके पुरातन परंपराओं के प्रति जागरूक किया जाता है। मुख्य पैटर्न एडवोकेट बोधराज मजीठिया एवं जिलाध्यक्ष व¨रदर कौड़ा ने हकीकत राय की जीवनी को विस्तार से बताया। व¨रदर कौड़ा द्वारा वीर हकीकत राय पर गीत प्रस्तुत करके उन्हें श्रद्धांजली भेंट की गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष व¨रदर कौड़ा, अध्यक्ष एडवोकेट विजय धीर, एडवोकेट बोधराज मजीठिया, कोषाध्यक्ष भजन प्रकाश वर्मा, मुख्य वक्ता एमएल मोलड़ी, सभा के सीनियर मीत अध्यक्ष केवल चौधरी, राकेश भल्ला, रमेश कुक्कु, एडवोकेट बोधराज मजीठिया, मनोज जायसवाल, सुशील स्याल, सुभाष धीर, बल¨वदर ढंड, संजीव मल्होत्रा, धर्मवीर, शिव टंडन, हरप्रीत सहगल, अमित गांधी, मोहित धवन, आदेश सहगल, अशोक कालिया, सु¨रद्र अग्रवाल, मनोज भंडारी, अमरजीत जस्सल, हंस राज मदान, राकेश, वीपी सेठी, प्रियव्रत गुप्ता के अलावा अन्य उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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