संस, मानसा : सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण महीने के तौर पर मनाने संबंधी बचत भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मी¨टग की अध्यक्षता करते डीसी अपनीत रियात ने कहा कि नवजात बच्चों के लिए पहले एक घंटे दौरान मां का दूध अमृत समान होता है इसलिए महिलाओं को जहां खुद संतुलित खुराक निरंतर लेनी चाहिए, वहीं नवजात बच्चों को अपना दूध पिलाने को ही प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने समूह अधिकारियों और कर्मचारियों को हिदायत की कि वह पोषण मुहिम को जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने पौष्टिक खुराक संबंधी अधिकारियों और मुलाजिमों को शपथ दिलाई।

डिप्टी कमिशनर ने कहा कि इस मुहिम के अंतर्गत गर्भवती औरतों को भरपूर पौष्टिक खुराक लेने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने सेहत संभाल और स्कूल प्रबंधन समितियों को भी अपने-अपने स्तर पर विशेष प्रयास कर जागरूकता फैलाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस मुहिम के अंतर्गत पोषण तकनीक की मदद के साथ लोगों के लिए बढि़या खुराक और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाया जाएगा। डीसी ने आईसीडीएस, शिक्षा, सेहत, जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग को इस मुहिम को सफल बनाने के लिए सौंपी जिम्मेदारी तनदेही के साथ निभाने के निर्देश दिए। जिला प्रोग्राम अफसर राकेश बाली ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण महीना मनाने का उद्देश्य लोगों को संतुलित खुराक की महत्ता संबंधी विस्तार के साथ जानकारी देना है और विभाग इस कार्य को मिशन के तौर पर सम्पूर्ण करेगा।

Posted By: Jagran