जागरण टीम, लुधियाना/जालंधर/फतेहगढ़ साहिब। नेशनल हाईवे पर बनाया गया ड्रेन नाला समाधान के इंतजार में शोपिस बन गया है। फ्लाईओवर्स, अंडरपास व शहरों के एंट्री प्वाइंट पर बारिश में जल जमाव की समस्या विकराल हो चुकी है। हलकी सी बारिश के बाद ही नेशनल हाईवे की सíवस लेन में कई जगह एक से दो फुट तक पानी जमा हो जाता है। अभी नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) इस समस्या का स्थाई और तुरंत समाधान दे पाने में असमर्थ है। परंतु स्थानीय प्रशासन की ओर से भी अस्थाई हल के लिए कोई पहल नहीं की जा रही।

लोगों का कहना है कि लुधियाना शहर के लिए एक विशेष योजना तैयार कर जालंधर बाईपास और ओसवाल अस्पताल चौक से हाईवे से बारिश के पानी को बुड्ढा दरिया और ओसवाल अस्पताल चौक से भी पानी को बुड्ढा दरिया तक पहुंचाया जाए। वहीं अन्य जिलों में जल जमाव वाली जहग पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के तहत समाधान किया जाना चाहिए। परंतु इसमें वक्त लग सकता है। इसलिए इन जिलों के लोगों का कहना है कि जब तक स्थाई समाधान नहीं होता है, तब तक इस समस्या के अस्थाई हल के लिए स्थानीय प्रशासन को भी पहल करनी चाहिए। क्योंकि इसकी मार हाईवे के ट्रैफिक के अलावा हजारों स्थानीय लोगों पर भी पड़ती है।

दैनिक जागरण ने इन शहरों में अधिकारियों व जनप्रितिनिधियों से बात की जहां बारिश के कारण हाईवे पर जल जमाव की समस्या सबसे ज्यादा है। इन सभी ने स्थानीय स्तर पर होने वाले किसी भी समाधान से यह कहते हुए हाथ पीछे खींच लिए कि समस्या के बारे में एनएचएआइ को समय-समय पर अवगत करवाया गया है। किसी ने स्थानीय स्तर पर होने वाले प्रयासों को लेकर हामी नहीं भरी। इस समय जालंधर, जिला लुधियाना में खासकर लुधियाना शहरी क्षेत्र और जिला फतेहगढ़ साहिब में सरहिंद व मंडी गोबिंदगढ़ हाईवे पर जल निकासी के प्रबंध ने होने की समस्या से जूझ रहे हैं।

लुधियाना के मेयर बलकार सिंह संधू ने कहा कि नेशनल हाईवे पर जल भराव की समस्या को लेकर एनएचएआइ के अफसरों को कई बार कहा जा चुका है। उन्होंने कहा कि वह खुद इस बारे में अफसरों के साथ कई बार हाईवे का दौरा कर चुके हैं। एनएचएआइ के अफसरों ने भरोसा दिलाया है कि अगले साल तक समस्या काफी हद तक हल कर दी जाएगी।

एनएचआइए को दिखाए जलभराव के सभी प्वाइंट्स

फतेहगढ़ साहिब की डिप्टी कमिश्नर सुरभि मलिक ने कहा कि नेशनल हाईवे पर पानी की निकासी न होना गंभीर समस्या है। एनएचएआइ के डायरेक्टर के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया है। वहां से पता चला कि लापरवाही के कारण ठेकेदार को टर्मीनेट किया गया है। अब दोबारा सभी प्वाइंट्स एनएचएआइ को दिखाए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान करा लिया जाएगा।

निगम के सीवरेज के साथ जोड़ना संभव नहीं

जालंधर नगर निगम के एसई आपरेशन एंड मेंटेनेंस सतिंदर कुमार ने कहा कि हाईवे के साथ बनाए ड्रेन को नगर निगम के सीवरेज के साथ जोड़ना संभव ही नहीं है। ऐसी योजना के लिए नगर निगम के साथ कभी कोई संपर्क ही नहीं किया गया। वैसे भी हाईवे के साथ निगम की कोई सीवरेज लाइन नहीं है। एनएचएआइ को खुद इस समस्या का निदान करना होगा।

Edited By: Vipin Kumar