जागरण संवाददाता, लुधियाना : मध्य प्रदेश से हथियार खरीदकर उन्हें पंजाब में लाकर तीन से चार गुना कीमत पर बेचने वाले गिरोह से पूछताछ में पुलिस की सीआइए-1 टीम के हाथ कई अहम जानकारियां लगी हैं। कुछ दिन पहले पहले गए दो लोगों की निशानदेही पर और गिरफ्तारियां की गई हैं। जेल में बंद एक आरोपित को भी प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। इनकी निशानदेही पर भी .32 बोर के दो पिस्तौल और छह कारतूस बरामद किए हैं।

डीसीपी एसपीएस ढींढसा ने बताया कि आरोपित विपन कुमार उर्फ गिल जालंधर के थाना नकोदर के गांव चक कलां, गौरव कुमार उर्फ पंडित होशियारपुर के गढ़शंकर के गांव बहबलपुर और करण पाल सिंह उर्फ करण फिल्लौर के गांव तखाणा पत्ती का रहने वाला है। गौरव को मंगलवार को लुधियाना जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया है।

गौरतलब है कि काउंटर इंटेलिजेंस व सीआइए-1 की टीम ने चार अक्टूबर को जालंधर के गांव ललियां खुर्द निवासी हिदपाल, जालंधर के गांव वडाला निवासी बलविदर सिंह और हैबोवाल कलां की चिट्टी कालोनी के अर्जुन कुमार को गिरफ्तार किया था। उनके पास से दो पिस्तौल, चार मैग्जीन, चार कारतूस और तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। यह लोग मध्य प्रदेश से आठ से दस हजार में पिस्तौल खरीदकर उसे पंजाब में 30 से 40 हजार रुपये में बेच देते थे। इन आरोपितों की पूछताछ के बाद विपन को गिरफ्तार किया गया । उसने बताया कि वह गौरव पंडित और करणपाल को दो हथियार बेच चुका है। इसके बाद पुलिस ने इन दोंनों को भी काबू कर लिया। गौरव को नवांशहर के थाना बहराम की पुलिस एक अन्य मामले में पकड़ चुकी थी। वह लुधियाना जेल में बंद था। वह सातवीं पास है। वर्ष 2018 में मलेशिया गया था। चार माह बाद वहां से वापस आया। मलेशिया जाने से पहले नवांशहर के थाना औैड़ और थाना बंगा में चार केस दर्ज थे। मलेशिया से लौटने के बाद सितंबर व अक्टूबर 2021 में नवांशहर के थाना बंगा और बहराम में उस पर दो और केस दर्ज हो गए। विपन कुमार के खिलाफ भी जालंधर के थाना लांबड़ा में एक केस दर्ज है।

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