जासं, लुधियाना : लोहड़ी के बाद वीरवार को फिर से शहर के लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। सुबह घनी धुंध के बाद जब वेस्टर्न डिस्टर्बेस के प्रभाव के चलते बादलों ने आसमान को घेरा और फिर शीतलहर के बीच बूंदाबांदी हुई तो लोग कंपकंपाने को मजबूर हो गए। जनवरी में दूसरी बार दिन का तापमान सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस कम रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं हवा में नमी की मात्रा सुबह के समय 94 प्रतिशत और शाम के समय 90 प्रतिशत दर्ज की गई। पीएयू मौसम विभाग की प्रमुख डॉ. प्रभजोत कौर सिद्धू ने बताया कि 1970 से लेकर आज तक 16 जनवरी को दिन का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस कभी नहीं पहुंचा था। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट चंडीगढ़ का पूर्वानुमान है कि 19 व 20 जनवरी को बादल छाए रह सकते हैं, जबकि 21 जनवरी को फिर से बूंदाबांदी होने की संभावना है। फिलहाल ठंड से अभी इस महीने राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। वहीं बारिश होने पर फिर से ठंड अपने यौवन पर रहेगी। चौथे दिन फिर से फ्लाइट कैंसिल रही

विजिबिलिटी न होने के कारण लुधियाना से दिल्ली की फ्लाइट वीरवार को रद करनी पड़ी। मंगलवार को लुधियाना से दिल्ली फ्लाइट गई थी। 1 दिसंबर से अब तक पांच बार फ्लाइट रद हो चुकी है। इसकी मुख्य वजह विजिबिलिटी कम होना है। वीरवार को 600 मीटर विजिबिलिटी रही। फ्लाइट को 1500 मीटर विजिबिलिटी चाहिए। ये ट्रेनें रहीं लेट

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Posted By: Jagran

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